Wednesday, August 21, 2019 03:57 AM

रस्से डाल दलदल से बाहर निकाले बैल

मंडी -मंडी जिला प्रशासन के बचाव दल ने चंडयाल गांव में सुकेती खड्ड के किनारे दलदल में फंसे दो लावारिस बैलों की जान बचाकर मानवता की उम्दा मिसाल पेश की है। बचाव दल ने स्थानीय युवाओं की मदद से दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बेजुबान जानवरों को सुरक्षित बचा लिया। यह वाकया रविवार सुबह करीब 10 बजे का है। चक्कर  के पास स्थित चंडयाल गांव के निवासी राजकुमार ने सुबह जब दो बैलों को सुकेती खड्ड के किनारे दलदली जगह पर बेहाल अवस्था में फंसा पाया तो तुरंत मदद के लिए फायर स्टेशन के हेल्पलाइन नंबर 101 पर फोन लगाया। बकौल राजकुमार सुबह सैर करते हुए सुकेती में दो जानवर देखे तो पहले पहल तो सोचा वे खड्ड में पानी पीने उतरे होंगे, कुछ देर में उधर से गुजरती दो लड़कियों ने आकर बताया कि चक्कर पुल के नीचे दो बैल बारिश के कारण दलदल बनी जगह में फंस गए हैं। ये सुन कर वहां पहुंच कर असहाय से पड़े बेजुबान बैलों की पीड़ा महसूस की। राजकुमार ने बताया कि बैल दलदल में इस कद्र फंस गए थे कि उनके लिए हिलना डुलना भी मुश्किल हो गया था। 101 नंबर पर फोन करने पर फायर स्टेशन से बचाव दल भी बिना समय गंवाए मौके पर पहुंच गया। बचाव दल ने गांव के छह-सात युवाओं के साथ मिलकर रस्से डाल कर दोनों बैलों को सुरक्षित बाहर निकाला। फायर स्टेशन मंडी के प्रभारी पिनामी सिंह ने बताया कि उन्हें रविवार सुबह करीब सवा दस बजे फोन पर दो जानवरों के दलदल में फंसे होने की सूचना मिली। बचाव दल तुरंत टीम लीडर परमदेव की अगवाई में मौके के लिए रवाना हो गए। दल में उनके साथ प्रशामक सरदारी लाल,  गृह रक्षक जितेंद्र और वाहन चालक अशोक कुमार थे। बैलों को सुरक्षित बाहर निकाल कर संबंधित पंचायत के सुपुर्द किया गया है। उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने संवेदनशीलता और साहस का परिचय देने वाले जांबाज बचाव दल सदस्यों की तारीफ  की।

बेसहारा जानवर दिखें तो ये नंबर घुमाएं

उपायुक्त मंडी ने लोगों से आग्रह किया है कि सभी लोग बेजुबान जानवरों के प्रति दयाभाव रखें। वे तकलीफ  में फंसे हों तो नजरअंदाज न करें, बल्कि तुरंत टोल फ्री नंबर 1077, 101 अथवा 100 पर फोन करें। जिला प्रशासन सभी की मदद के लिए हर समय तत्परता से उपलब्ध है।