Monday, December 16, 2019 06:09 AM

रांची के लिए लोड सेब पंजाब में बेचा

नांरकडा -प्रशासन व पुलिस ने बागबानो को बाहरी राज्य से आने वाले ट्रक आपरेटरों द्वारा की जाने वाली धोखाधड़ी से बचाने के लिए गाडि़यों व ड्राइवरों की रजिस्ट्रेशन सहित कई अन्य पुख्ता कदम उठाए हैं, लेकिन उसके बावजूद शातिर माल को गाड़ी सहित गायब करने में कामयाब हुआ है। ऐसा ही एक धोखाधड़ी का मामला नारकंडा में सामने आया है। इसे समय रहते पुलिस और ट्रांसपोर्टर की सूझबूझ से निपटा लिया गया है और मालिक सहित ट्रक को हिरासत में ले लिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 जुलाई को राजटा गोल्डन ट्रांसपोर्ट कंपनी नारकंडा से खेगसू मंडी के लिए पीबी 11सीक्यू 2179 गाङ़ी को माल लोड करने के लिए भेजा गया था। ट्रासंपोर्टर ने गाङी के सभी कागजों की फोटोकॉपी लेकर गाड़ी को लूहरी खेगसू मंडी से झारखंड रांची के लिए 412 पेटी सेब लदकर रवाना किया। पांच दिन से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी जब गाड़ी झारखंड रांची नहीं पहुंची तो ड्राइवर और ट्रक मालिक से संपर्क किया गया तो उनके फोन बंद पाए गए। इस पर राजटा गोल्डन ट्रांसपोर्ट के मालिक जय गोपाल राजटा ने पुलिस थाना लुहरी में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस द्वारा छानबीन के दौरान पता चला कि गाड़ी के कागज जो गाड़ी मालिक द्वारा राजटा गोल्डन ट्रांसपोर्ट कंपनी को सौंपे गए थे, वे कागज जाली थे। ट्रांसपोर्टर द्वारा गाड़ी व ड्राइवर के फोटो ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर व्हाट्स ऐप ग्रुप में डाले गए, जिसके बाद पंजाब में गाड़ी खड़ी होने की सूचना मिली। पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए सोमवार को मालिक तजेंद्र सिंह को गाड़ी के साथ गिरफ्तार करके लुधियाना से नारकंडा लाया गया और गाड़ी का ड्राइवर लखविंद्र सिंह फरार है। ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक जय गोपाल राजटा द्वारा इस गाङी को ढूंढने में मदद करने वाले युवकों को इनाम स्वरूप एक लाख रूपए की राशि प्रदान की गई। जय गोपाल राजटा ने बताया कि गाड़ी में लगभग आठ लाख का सेब लोड था जब लुधियाना मे गाड़ी को पकड़ा गया तब तक चालक व मालिक ने लोड किए गए सेब को बेच दिया था। उन्होंने क्षेत्र के आढ़तियों, ट्रांसपोर्टरों तथा बागबानों से अपील की है कि बिना पुलिस वैरीफिकेशन व कागजों की जांच के बाहरी राज्यों से आई गाडि़यों को लोड न करंे।