Sunday, November 17, 2019 04:31 PM

राजधानी के कुत्ते चुस्त-दुरुस्त

शिमला - राजधानी शिमला पेट डॉग्स पालने में सबसे आगे है। शिमला के वेटनरी हॉस्पिटल से मिली जानकारी के अनुसार लोग न केवल पालतू कुत्तों को पालते हैं, बल्कि इंसानों की तरह उनका ध्यान भी रखते हैं। बता दें कि शिमला मेें पेट डॉग्स को कोई भी बीमारियां नहीं है। एक साल में शिमला में छह हजार पेट डॉग्स की ओपीडी अस्पताल में हुई है। खास बात यह है कि शिमला में 95 प्रतिशत पेट डॉग्स विभिन्न तरह के इंन्फेक्शन से सुरक्षित हैं। पशुपालन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पेट डॉग्स पालने का लोगों में काफी क्रेज बढ़ा है। विभिन्न तरह के वेरायटी के डॉग शिमला में लोगों द्वारा खरीदे जा रहे हैं। वेटनरी डाक्टर बताते हैं कि राजधानी में पेट डॉग्स खरीदने के साथ ही लोग इन्हें बच्चों व परिवार की तरह पाल रहे हैं। वेटनरी डाक्टरों से मिली जानकारी के अनुसार शिमला में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें डॉग को थोड़ी सी भी खरोंच आ जाती है, तो उन्हें अस्पताल लाया जा रहा है। डाक्टरों ने माना है कि कुछ साल पहले शिमला में हर तीसरे डॉग को विभिन्न बीमारियां सामने आती थीं, लेकिन एक साल से 95 प्रतिशत डॉग सुरक्षित हैं, उन्हें किसी भी तरह का कोई इंन्फेक्शन नहीं है। पशुपालन विभाग की मानें तो शिमला में युवाओं से लेकर बुजुर्गों के लिए पेट डॉग्स पालना काफी सहायक  है। हालांकि पशुपालन विभाग के वेटनरी डॉग्स भले ही पेट डॉग्स को बीमारी मुक्त कहते हैं। वहीं, दूसरी तरफ उनका यह भी मानना है कि शिमला में आवारा घूम रहे कुत्तों को कितना इंन्फेक्शन फैला हुआ है, यह कह नहीं सकते। जानकारी के  अनुसार आवारा घूम रहे डॉग्स को कई तरह के इन्फेक्शन फैलने का खतरा है। जानकारी के अनुसार डॉग्स को छह तरह के टीके लगाना जरूरी है। इन टीकों के लगने के बाद डॉग्स से दूसरों को फैसने वाले इंन्फेक्शन न होने का खतरा भी खत्म हो जाता है।

बच्चों-बुजुर्गों को पेट डॉग्स जरूरी

बता दें कि चिकित्सक भी इस बात को मानते हैं कि पेट डॉग्स मानसिक विकास के लिए बच्चों व बुजुर्गों को जरूरी हैं। अगर घर में ये डॉग होंगे तो छोटे बच्चे मेंटली प्रीपेयर आसानी से हो पाएंगे। 

ये होती हैं सात बीमारियां

वेटनरी चिकित्सकों से मिली जानकारी के अनुसार डॉग्स को अकसर लेपटोस्पायोसिस, डिसटैंमपेरड, पारवो वायरस, रेबिज  ये मुख्यतः तीन बीमारियां ज्यादा होने का खतरा होता है, इसके अलावा तीन अन्य बीमारियां भी इसमें शामिल हैं। हालांकि हॉस्पिटल में समय पर टीकाकरण हो तो, ये सारी बीमारियां पेट डॉग्स को छू भी नहीं सकती हैं।