Wednesday, June 26, 2019 12:14 PM

राजे री जातर से विदा हुए देवता

सुंदरनगर—राज्य स्तरीय श्री सुकेत देवता मेला सुंदरनगर के अंतिम दिन राजे री जातर का आयोजन किया गया। यह जातर महामाया मंदिर देहरी सुंदरनगर के प्रांगण में आयोजित की गई। मेले के अंतिम दिन परंपरा अनुसार सभी देवता देवी महामाया जी के समक्ष हाजिरी भरकर मंदिर के प्रांगण में एकत्रित होते हैं। देवी महामाया जी की पालकियों को प्रातः देव बाला टिक्का जी हलेल द्वारा रंगमहल से मंदिर देहरी पहुंचाया गया। बड़ादेव कमरूनाग जी और मूल माहंूनाग जी बखारी के मंदिर पहुंचने के बाद देवी की पूजा कर अंतिम शोभायात्रा कंवर कमल सिंह, सुकेत राजवंश की अगवाई में शुरू हुई। शोभायात्रा के दौरान सभी देवी-देवता सुकेत राज परिवार से रंगमहल में मिले और उन्हें आशीर्वाद देते हुए मेले के मुख्यातिथि एडीएम मंडी के साथ मेला ग्राउंड में पहुंचे। वहीं देवी महामाया ने सुंदरनगर शहर की परिक्रमा की। मुख्यातिथि द्वारा देवताओं को चादर भेंट की गई तथा  बजंतरी प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। अंत में पुनः देव बाला टिक्का जी हलेल द्वारा देवी महामाया जी की पालकियों को बनेड स्थित रंगमहल में वाद्ययंत्रों के पहुंचाया गया। वहीं इस बार राज्य स्तरीय श्री सुकेत देवता मेला सुंदरनगर के लिए मेला अध्यक्ष डा. अमित कुमार शर्मा द्वारा बेहतरीन इंतजाम किए गए थे, जिसके लिए सुकेत सर्व देवता कमेटी ने उनको बधाई दी।