Tuesday, November 19, 2019 02:57 AM

राशन नहीं चाहिए, तो बता दें

  खाद्य एवं  आपूर्ति विभाग का कार्डधारकों से आग्रह,खराब हो रहे दाल चावल

 सोलन -जिला के पंद्रह प्रतिशत राशन कार्ड होल्डर उचित मूल्य की दुकानों में प्रतिमाह मिलने वाले सस्ते राशन को नहीं ले रहे हैं। यह राशन डिपो में ही पड़ा रहता है, जिससे इस राशन के गलत इस्तेमाल का भी अंदेशा रहता है। इसके अलावा जगह की कमी और राशन के खराब होना भी डिपो संचालकों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। ऐसे में इस परेशानी के लिए हल के लिए जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा राशन कार्ड में डिपो में आने वाले सस्ते राशन को ब्लॉक करने की योजना बनाई है। कोई भी कार्ड धारक जो डिपो से राशन नहीं लेना चाहता है, तो वह विभाग के समक्ष अपने सस्ते राशन को ब्लॉक करने के लिए  स्वेच्छा से आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद उनका राशन डिपो में आना बंद हो जाएगा, हालांकि इसके बाद भी वे अपने राशन कार्ड का इस्तमाल स्थायी पते के प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज के तौर पर कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि सोलन जिला में एपीएल व बीपीएल मिलाकर लगभग एक लाख 32 हजार राशन कार्ड धारक हैं। इन कार्ड पर  जिला के करीब पांच लाख 40 हजार उपभोक्ताओं के लिए प्रतिमाह डिपो के माध्यम से सस्ता राशन उपलब्ध करवाया जाता है। लेकिन विडंबना यह है कि इन एक लाख 32 हजार कार्ड धारकों में से करीब 15 प्रतिशत कार्डधारक अपना राशन नहीं ले रहे हैं। कई उपभोक्ता तो ऐसे हैं जिन्होंने छह-छह माह से अपना राशन नहीं लिया है। इस परेशानी से पार पाने के लिए विभाग ने सस्ता राशन नहीं लेने वालों अपने राशन को ब्लॉक कराने की योजना बनाई है। योजना के तहत राशन कार्डधारक विभागीय इंस्पेक्टर के पास जाकर अपने राशनकार्ड पर मिलने वाले सस्ते राशन को ब्लॉक करा सकते हैं। ऐसा करते ही उसका सारा रिकार्ड विभागीय मुख्यालय तक पहुंच जाएगा, जिससे ब्लॉक राशन कार्ड धारकों का राशन विभाग द्वारा अलॉट ही नहीं किया जाएगा। उधर,मिलाप शांडिल जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, सोलन का कहना है कि जो उपभोक्ता सस्ता राशन नहीं लेना चाहते हैं, वे अपने राशन को ब्लॉक करा दें। इससे डिपो में पड़े-पड़े राशन खराब नहीं होगा और यह राशन किसी अन्य जरूरतमंद तक पहुंचाया जा सकेगा। विभाग द्वारा धारक का केवल राशन ही ब्लॉक किया जाएगा, जबकि वह अपने कार्ड को प्रमाण पत्र के तौर पर पूर्वतः ही इस्तेमाल कर पाएंगे।