Friday, December 06, 2019 09:51 PM

राष्ट्रीय मूट कोर्ट कंपीटीशन में कानून विभाग विजेता

नौणी - शूलिनी विश्वविद्यालय में आयोजित तीसरी राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में पंजाब विश्वविद्यालय का कानून विभाग विजेता रहा, जबकि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय उपविजेता रहा।  प्रतियोगिता में लगभग 20 विश्वविद्यालयों ने भाग लिया। हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसएस ठाकुर के मार्गदर्शन में यह प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस दो दिवसीय प्रतियोगिता में पहला राउंड, क्वार्टर फाइनल और सेमी क्वार्टर फाइनल के बाद सेमीफाइनल और फिर ग्रैंड फाइनल शामिल रहे। मूट समस्या ड्रग्स के क्षेत्रों यानी एनडीपीएस अधिनियम के आसपास चर्चित हुई। उपस्थित प्रकाशकों में न्यायमूर्ति अरुण कुमार गोयल, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश, एडवोकेट शशि पंडित और अधिवक्ता पीसी सूद रहे। फाइनल राउंड को तीन जजों की बैंच ने जज किया। इसमें न्यायमूर्ति एसएस ठाकुर, डीके शर्मा सेवानिवृत्त सत्र न्यायाधीश और एचपी प्रशासनिक न्यायाधिकरण के सदस्य और डा. संजय सिंधु, निदेशक, यूआईएलएस, एचपीयू शिमला शामिल रहे। शर्मा, जो वैदिक समारोह में मुख्यातिथि रहे ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया। दिल्ली विश्वविद्यालय दूसरे उपविजेता के रूप में उभरा, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से आयुष अरोड़ा ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। विजेताओं को 50,000 रुपए के पुरस्कार वितरित किए गए। मूट कोर्ट प्रतियोगिता के संयोजक और कानून के प्रमुख स्कूल डा. नंदन शर्मा द्वारा धन्यवाद का एक वोट प्रस्तावित किया गया। उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी गणमान्य व्यक्तियों और प्रबंधन को विशेष रूप से कुलपति प्रोफेसर पीके खोसला को धन्यवाद दिया कि वे कानून के छात्रों को उनके ज्ञान और कौशल को तेज करने के लिए यह मंच प्रदान करते हैं।