Tuesday, October 15, 2019 09:38 AM

रास्ते में ही जलाया भेड़पालक का शव

मुल्थान -पद्धर क्षेत्र के भेड़पालक का शव घर लाने की बजाय रास्ते में ही दाह संस्कार कर दिया गया। परिजनों ने शव को रास्ते में जलाने की सहमति जता दी थी। मुरालाधार 18 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित है, जहां भेड़पालक राकेश का शव डेढ़ साल बाद बरामद हुआ था। शव को कुछ दिन पहले ही वहां से गुजर रहे लोगों ने देखा था। मृतक के परिजनों सहित 15 लोगों की टीम मुरालाधर के लिए रवाना हुई थी। शव का 12 हजार फुट की ऊंचाई पर ऊहल नदी के सिरे झोड़ी स्थान पर दाह संस्कार कर दिया गया। मृतक राकेश के पिता व भाइयों में राज कुमार, रूप लाल, मनसा राम, खुशहाल व बीड़ रेस्क्यू टीम के इंचार्ज राहुल सिंह भी साथ गए थे।  मृतक के भाइयों ने मुल्थान चौकी में बताया कि 16 सितंबर को टीम दस बजे मुराला जोत पहंुची थी। राकेश के शव की बूट, कपड़ों, जैकेट, घड़ी से पहचान की गई। उन्होंने बताया कि  राकेश के हाथ पर बंधी घड़ी एक साल से चल रही थी। दरअसल  शव का कमर से ऊपरी हिस्सा पूरी तरह जंगली जानवरों और चीलों द्वारा खाया जा चुका था। उन्होंने कहा कि राकेश का शव बैजनाथ ले जाने के काबिल नहीं था। इसलिए सोमवार शाम को झोड़ी स्थान पर दाह संस्कार कर दिया गया। मृतक के पिता ने सरकार से राहत राशि की मांग की है। उधर, बैजनाथ के डीएसपी प्रताप सिंह ठाकुर ने पुष्टि करते कहा कि परिवारजनों के बयान कलमबद्ध कर दिए हैं। बॉडी की हालत को देखते हुए परिवारजनों ने झोड़ी स्थान पर दाह संस्कार कर दिया है।