Tuesday, March 31, 2020 01:11 PM

रिकांगपिओ में बंद कराई शराब की दुकान

 जनता कर्फ्यू के दौरान भी किन्नौर में शराब कारोबारी दारू बेचने में रहे लीन, लोगों ने जताया रोष

रिकांगपिओ-किन्नौर के सभी मुख्य जनपदों पर जनता कर्फ्यू का व्यापक असर देखा गया। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में शराब की दुकान को छोड़ एसेंशल कम्युनिटी की सभी दुकानें  बंद रही। जनता कर्फ्यू का समर्थन करते हुए रिकांगपिओ में प्राईवेट क्लिनिक से लेकर केमिस्ट शॉप तक भी बंद रहे। रिकांगपिओ में शराब की दुकान का खुले रहने पर लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई है। समय रहे प्रशासन ने शराब की दुकान को बंद करवाया दिया अन्यथा दुकान मालिक को जनता के गुस्से का भी सामना करना पड़ सकता था। प्रेम कुमार, निर्मल नेगी, तेजस्वी प्रकाश, अजंदर नेगी, वीरेंद्र नेगी, राम भगत, राधा कृष्ण आदि कई लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। हैरानी यह भी है कि रिकांगपिओ चौक पर जिस स्थान पर शराब का ठेका खुला थाए साथ ही पुलिस  की गुमटी भी है जहाँ पुलिस तैनात रहती है। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ सहित ग्राम स्तर पर भी जनता कर्फ्यू का व्यापक असर देखा गया। कोरोना वायरस के खोफ का ही असर है कि गांव में भी ग्रामीण अपना सभी काम छोड़ घर से बाहर नही निकले। हालांकि इन दिनों किन्नौर में मटर बीजने व सेब में स्प्रे ए फू्रनिग व तोलिया आदि बनाने का कार्य चल रहा है। इसी तरह का मंजर भावानगर, सांगला, स्पिलो,  टापरी आदि स्टेशनों पर भी देखा गया। इन सभी स्थानों पर वाहनों की आवाजाही शून्य रही। लोगों ने जनता कर्फ्यू का समर्थन करते हुए पूरे दिन अपने अपने घरों में ही समय बिताना मुनासिफ समझा। जनता कर्फ्यू को लेकर कुछ एक अन्विज्ञ लोग कई स्थानों पर बसों का इंतजार भी करते देखे गए। इस दौरान बसों सहित वाहनों के पहिए थमने से उन लोगों को खासी असुविधा का सामना भी करना पड़ा। रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान रिकांगपिओ के मुख्य बाजार में एक नेवाली महिला दर्द से तड़पने लगी। जैसे ही पुलिस को इस कि जानकारी मिली तुरन्त पुलिस जवानों ने घटना स्थल पहुच कर महिला को  पुलिस वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया।