Wednesday, May 27, 2020 12:07 AM

रिजल्ट में देरी पर बवाल कायम

शिमला -हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम देेरी से जारी किया गया। बावजूद इसके प्रथम वर्ष में अधिकतर छात्र फेल हुए हैं, जिसका एसएफआई पूर्ण विरोध करती है। इसे देखते हुए आज एचपीयू एसएफआई इकाई परिसर में फेल हुए लगभग 500 छात्रों के साथ कुलपति से मिलेगी। एसएफआई ने एचपीयू प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। एसएफआई का कहना है कि एचपीयू प्रशासन हजारों छात्रों के भविष्य के साथ साफ तौर पर खिलवाड़ कर रहा है।   एसएफआई के प्रदेशा अध्यक्ष विक्रम कायथ ने बताया कि एचपीयू प्रशासन बार-बार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। यूनिवर्सिटी का रिजल्ट लेट निकलने के कारण अब वे न ही तो अगली क्लासों की तैयारी कर सकते हैं और न ही पिछली को छोड़ सकते हैं । ऐेसे में छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि इन छात्रों को कालेज में भी प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। कालेज प्रशासन का कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। इसके बाद वे प्रवेश नहीं दे सकते। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा घोषित किए गए फर्स्ट ईयर के रिजल्ट में कई छात्र एक या दो-दो अंक से रह गए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि यूनिवर्सिटी द्वारा जो परिणाम घोषित किया गया है। इन छात्रों को आठ पेपरों में से पांच पेपरोंं में पास होना अनिवार्य है, लेकिन  पांच-छह  विषयों में छात्रों को कंपार्टमेंट आई हुई है । एचएपीयू द्वारा निकाले गए परीक्षा परिणामों के कारण छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। ऐसे में एसएफआई का कहना है कि प्रथम वर्ष में जो छात्र फेल हुए हैं उनके पेपरों की दोबारा से चैकिंग की जाए या फि र उन्हें ग्रेस मार्क्स दिए जाएं । साथ ही एसएफआई ने प्रशासन से मांग की है कि छात्रों को कंपार्टमेंट का मौका दिया जाए।