रेणुका प्रोजेक्ट के लिए गिरि पर बनेगा बांध

हिमाचल सरकार को परियोजना का 3.15 प्रतिशत जल हिस्सा उपयोग करने की केंद्र ने दी छूट

 शिमला— हिमाचल प्रदेश के रेणुका परियोजना के लिए गिरि नदी पर 148 मीटर ऊंचा बांध बनेगा। कुल 4600 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाली इस परियोजना के पानी से देश की राजधानी दिल्ली की प्यास बुझेगी। अहम है कि हिमाचल सरकार को 3.15 प्रतिशत जल हिस्सा उपयोग करने की केंद्र ने छूट दे दी है। इसके अलावा हिमाचल के लिए 90:10 बिजली घटक पर सहमति बनी है। इस परियोजना को लेकर बुधवार को दिल्ली में आयोजित केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय ने कई बड़े फैसले लिए हैं। लिहाजा एक महत्त्वपूर्ण घटनाक्रम में हिमाचल प्रदेश सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार को हिमाचल के सिरमौर  की गिरि नदी पर बनने वाली रेणुका परियोजना के बिजली घटक का 90 प्रतिशत वहन करने के लिए राजी करने में सफल हुई है। यह निर्णय नई दिल्ली में केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा संरक्षण मंत्री की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में लिया गया। रेणुका परियोजना के अंतर्गत गिरि नदी पर 148 मीटर ऊंचा बांध बनाया जाएगा। इसकी जल भंडारण क्षमता 498 मीलियन क्यूबिक मीटर होगी। इसके पावर हाउस से 40 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। परियोजना के अंतर्गत बिजली उत्पादन के पूर्ण अधिकार हिमाचल के पास रहेंगे।  वर्ष 2015 के लागत अनुमान के आधार पर परियोजना की कुल लागत 46 सौ करोड़ रुपए है, जिसमें से जल घटक 4325 करोड़ रुपए हैं, जबकि बिजली घटक 275 करोड़ रुपए होगा।   बैठक में यह निर्णय लिया गया कि परियोजना के जल घटक का बंटवारा केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा 90:10 के अनुपात में किया जाएगा। जल घटक का 10 प्रतिशत हिस्से को लाभान्वित होने वाले राज्य वहन करेंगे। हिमाचल प्रदेश कुल जल हिस्से के 3.15 प्रतिशत का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र होगा और जल प्रयोग के लिए कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है। हिमाचल को अपने 3.15 प्रतिशत हिस्से को उपयोग करने के लिए किसी अनापत्ति प्रमाणपत्र की भी आवश्यकता नहीं होगी। राज्य सरकार के पास अनुपयोगी जल को किसी अन्य राज्य को बेचने का भी अधिकार होगा। भारत सरकार ने परियोजना की सभी भू-अधिग्रहण लागत को वहन करने को सैद्धान्तिक मंजूरी प्रदान की है जिसमें वन, पर्यावरण और पारिस्थितिकीय लागत शामिल है। केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास व गंगा संरक्षण मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश सरकार को पहले ही 446.96 करोड़ रुपए की राशि जारी की है। शेष राशि के भुगतान के लिए भी केंद्र सरकार तैयार है। यह भी निर्णय लिया गया है कि इस उद्देश्य के लिए मंत्रालय आवश्यक कैबिनेट नोट तैयार करेगा। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुंडू तथा सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अभियंता ने इस बैठक में राज्य सरकार का पक्ष रखा।

 

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