रेलवे स्टेशन में फिर दिखेंगे मिट्टी के  कु ल्हड़

शिमला  - लालू प्रसाद यादव के पास रेल मंत्री का ओहदा क्या गया था। रेलवे स्टेशन से मिट्टी के कुल्हड़ गायब होने लगे थे, लेकिन अब फिर से रेलमार्ग पर अपको मिट्टी के  कूलहड़ दिखाई देने लगेंगे। सूचना है कि कालका- शिमला रेलमार्ग प्रशासन को यह सूचना दी गई है कि पर्वरण संरक्षण के लिए कुल्हड़ों का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि अब कूलहड़ किससे खरीदने हैं और किस तरह से इस्तेमाल करने हैं, इसके बारे में आगामी बैठक आयोजित होनी है। प्रदेश में पर्वरण संरक्षण को लेकर यह बड़ा कदम साबित हो सकता है, जिसमें अन्यों के लिए रोजगार के दरवाजे भी खुल सकते हैं। हालांकि पहले रेल विभाग को कुल्हड़ इस्तेमाल को लेकर प्रस्ताव सौंपा जाएगा, जिसके बाद लालू के कूलहड़  ेंका इस्तेमाल गांधी जयंती के उपलक्ष पर शुरू किया जा सकता है, जो पूर्व रेल मंत्री ने लगभग 14 वर्ष पहले रेलवे स्टेशन पर कूलहड़ों का इस्तेमाल शुरू किया था। गौर कि  प्रदेश में खासतौर पर कालका-शिमला रेलमार्ग पर पहले इन कूलहड़ों की खूब डिमांड रहती थी। सबसे ज्यादा शिमला रेलवे स्टेशन में पर्यटकों की डिमांड चाय के कुल्हड़ कप की खूब रहती  थी, जिसमें लस्सी, चाय और पानी का भी इस्तेमाल खूब रहता है, लेकिन अब एक भी मिट्टी का गिलास यहां नहीं देखा जा सकता है। इस मिट्टी के गिलास को स्टेशन पर मंगवाने वाले अधिकारी  कहते हैं कि ये स्वच्छ नहीं होते हैं। जिस मिट़्टी से उन गिलास को बनाया जाता है, उसमें अकसर गंदे पानी का इस्तेमाल किया जाता है। फिलहाल अब जब नए कुल्हड़ मंगवाए जाएंगे, उसमें स्वच्छता का किस तरह का इस्तेमाल होगा, इस पर सभी प्रशासन ने गंभीरता जाहिर क ी है। गौर हो कि प्रदेश के बाहर के क्षेत्रों से ये मिट्टी के गिलास मंगवाए जाते थे, लेकिन उसे अकसर बनाने में देखा गया कि उसमें नाले का पानी इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके कारण ये अनहाइजीन रहते हैं। जानकारी के मुताबिक पहले स्टेशन पर इन कुल्हड़ों को पर्यटकों के लिए खरीदा जाता था। गौर हो कि जब रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव आए थे, तो भी इसकी खरीददारी धड़ल्ले से की जाती थीं, लेकिन अब धीरे-धीरे इसका प्रचल्लन कम हो गया था, लेकिन अब स्वास्थ्य और पर्वरण स्वच्छता के साथ इनका खूब इस्तेमाल हो सकता है।

प्रतिदिन तीन हजार पर्यटक शिमला में

गौर हो कि शिमला रेलवे स्टेशन पर प्रति दिन तीन से चार हजार पर्यटक शिमला घूमने आते हैं, जिनमें अभी भी एक हजार पर्यटक कूलहड़ को याद करते हैं। हालांकि अब थर्मोकोल भी बंद है। सूचना है कि लालू प्रसाद के रेल मंत्री के दौरान उनके निर्देशों  के तहत सभी स्टेशन के लिए ये निर्देश जारी क्रिए गए थे कि कूलहड़ों को खरीदा जाए, जिसमें शिमला में भी इसकी खरीददारी खूब रहती थी। जो याद अब दोबारा से ताजा़ हो सकती है।

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