Wednesday, December 11, 2019 05:15 PM

रोग कैंसर का…देते रहे साधारण दर्द निवारक दवा

शिमला-आईजीएमसी के कैंसर अस्पताल पर फिर से मरीज के इलाज मंे लापरवाही बरतने का मामला प्रकाश मंे आया है। सेना से सेवानिवृत्त हुए पूर्ण चंद शर्मा ने शिमला में मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने आईजीएमसी के कैंंसर विभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 2015 में उनकी धर्मपत्नी जमुना शर्मा को कैंसर के रोग की पुष्टि हो गई थी। पीजीआई चंडीगढ़ में हुए पैट स्कैन में एल 4 कैं सर के रोग की पुष्टि होने के बावजूद भी शिमला के आईजीएमसी के कैंसर विभाग ने कैंसर के न होने का दावा किया और मात्र दर्द निवारक दवा दे कर इलाज करते रहे । पूर्ण चंद ने बताय कि रोग से संबंधित किसी भी प्रकार की दवा मरीज को नहीं दी गई। साथ ही विभाग द्वारा बायोप्सी टेस्ट के लिए भी मना किया गया। पत्नी जमुना की लगातार खराब होती हालत को देखते हुए पूर्ण चंद ने दिल्ली के अस्पताल में उनकी जांच करवाई। जहां अंतिम चरण के कैंसर का पता चला जिस कारण उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई। समय पर इलाज न करने व रोग के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप लगाते हुए पूर्णचंद शर्मा ने कहा कि आईजीएमसी के डॉक्टर इलाज में लापरवाही बरतते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बहुत सारे लापरवाही के मामले हैं जिनको कैंसर नहीं था बावजूद इसके उनका कैंसर का इलाज कर दिया गया। डॉक्टरों द्वारा रेडियोथेरेपी व कीमोथेरेपी पर जोर दिया जाता रहा है और इस कारण बहुत लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। उन्होंने कहा कि वह मामले को लेकर अदालत जाएंगे ताकि किसी और को अपनी जान न गंवानी पड़े। उन्होंने कहा कि पत्रकार वार्ता जनता को जागरूक करने के लिए की गई है क्योंकि अधिक्तर लोग मेडिकल लापरवाही से अपनो को खो देते हैं।