Tuesday, September 29, 2020 01:43 AM

रोहतांग दर्रा बंद तो क्या…टनल है ना

भारी बर्फ में भी शेष विश्व से नहीं कटेगा लाहुल, एचआरटीसी बस भी शुरू

मनाली -अब लाहुल बर्फ में छह माह के लिए कैद नहीं होगा और न ही शेष विश्व से घाटी का संपर्क कटेगा। रोहतांग दर्रे के बंद होने के बाद भी लाहुल के लोग आसानी से लाहुल आ-जा सकेंगे। प्रदेश सरकार व प्रशासन के आग्रह पर बीआरओ ने रोहतांग टनल से एचआरटीसी बस दौड़ाने की मंजूरी दे डाली है। ऐसे में जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति के लोगों के लिए यह किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। इस फेहरिस्त में शनिवार को एचआरटीसी बस ने जहां रोहतांग टनल से लाहुल के लिए बस सेवा शुरू कर दी, वहीं पहले दिन 43 लोग एचआरटीसी में सवार होकर लाहुल पहुंचे। एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने कहा कि रोहतांग दर्रे के बंद होने के बाद जहां लाहुल-स्पीति के लोगों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं, वहीं प्रशासन ने बीआरओ के अधिकारियों से यह आग्रह किया कि जब तक संभव हो, तब तक रोहतांग टनल से एचआरटीसी की बस को चलाने की अनुमति दी जाए। ऐसे में बीआरओ के अधिकारियों ने प्रशासन की यह मांग मानते हुए रोहतांग टनल से बस सेवा शुरू करने के लिए हामी भरी है। उन्होंने बताया कि एचआरटीसी के बस सोलंग बैरियर से यात्रियों को लेकर रोहतांग टनल के लाहुल की तरफ मौजूद नोर्थ पोर्टल तक जाएगी और वहां से यात्रियों को मनाली की तरफ लाएगी। उन्होंने बताया कि बस सुबह 11 बजे चलेगी और दिन में बस एक ही चक्कर टनल का लगाएगी। रोहतांग दर्रा बंद होने के बाद शनिवार को रोहतांग टनल से शुरू की गई एचआरटीसी की बस सेवा का लाभ लोगों को जरूर मिलेगा। रोहतांग टनल से लाहुल जाने के लिए लोगों को जहां हर रोज सोलंग बैरियर पर पहुंचना पड़ेगा, वहीं लाहुल की तरफ से आने वाले लोगों को नोर्थ पोर्टल के समीप आना पड़ेगा। शनिवार को एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने बस को हरी झंडी दिखा रवाना किया है।

90 फीसदी काम पूरा

चार हजार करोड़ रुपए की लागत से बन रही रोहतांग टनल का 90 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है, ऐसे में जहां प्रदेश सरकार यह प्रयास कर ही है कि जल्द रोहतांग टनल जनता को समर्पित कर दी जाए। बीआरओ ने जहां रोहतांग टनल से एचआरटीसी बस चलाने के लिए हरी झंडी दी है, वहीं निजी वाहनों की टनल से आवाजाही पर भी रोक लगा दी है। ऐसे में रोहतांग टनल से रोजाना एचआरटीसी की 47 सीटर बस में ही लोगों को सवार हो लाहुल पहुंचना पड़ेगा।