Tuesday, October 15, 2019 10:16 AM

रोहतांग दर्रे पर हिमपात, शिमला-नारकंडा में ओले

लाहुल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर भी गिरे फाहे; मनाली में ठंड का एहसास, सैलानी चहके

मनाली- रोहतांग दर्रे सहित लाहुल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर शनिवार दोपहर बाद मौसम खराब होने से बर्फ के फाहे गिरने का दौर शुरू हो गया है। रोहतांग दर्रे पर मौसम बदलने से जहां मनाली के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं पर्यटक नगरी में अब सर्दियों ने दस्तक दे डाली है। देश-विदेश से मनाली घूमने पहुंच रहे सैलानी जहां यहां के ठंडे मौसम का लुत्फ उठा रहे हैं, वहीं लाहुल-स्पीति में लोगों ने गर्म वस्त्र पहनना शुरू कर दिए हैं। गत वर्ष जहां लाहुल-स्पीति में 21 व 22 सितंबर को भारी बर्फबारी होने से सैकड़ों लोग घाटी में फंस गए थे, वहीं इस वर्ष प्रशासन ने पहले ही खराब मौसम की चेतावनी ध्यान में रख लोगों को सुरक्षित स्थलों पर रहने को कहा है। यही नहीं, शनिवार दोपहर बाद जहां लाहुल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात दर्ज किया गया है, वहीं जनजातीय जिला के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। बात यहां जिला मुख्यालय केलांग की करें, तो यहां सर्दियों ने दस्तक देते हुए लोगों को गर्म वस्त्र पहनने पर मजबूर कर दिया है। केलांग पंचायत के उपप्रधान दोरजे उपासक का कहना है कि सितंबर के अंतिम दौर में जिला के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि सुबह-शाम ठंड बढ़ने लगी है, जबकि दिन में धूप अब लोगों को सता नहीं रही। उन्होंने बताया कि शनिवार दोपहर बाद भी घाटी ऊपरी क्षेत्रों में हल्का हिमपात हुआ है, जिस कारण ठंड और बढ़ गई है। शनिवार दोपहर बाद रोहतांग दर्रे पर भी अचानक मौसम बदला और यहां बर्फ के फाहे गिरने शुरू हो गए। हालांकि यह सिलसिला कुछ देर तक ही चला, लेकिन दर्रे पर बर्फ के फाहे गिरने से यहां के तापमान में भारी गिरवाट दर्ज की गई। रोहतांग के बिगड़े मौसम ने मनाली में भी अपना असर छोड़ा और यहां भी सुबह-शाम ठंड दर्ज की जा रही है। सैलानियों को यहां का ठंडा मौसम जहां बेहद पसंद आ रहा है, वहीं, पर्यटन करोबारी इसे विंटर सीजन की शुरुआत मान रहे हैं। हलांकि विंटर सीजन से पहले पर्यटन नगरी में दशहरा सीजन शुरू हो रहा है। ऐसे में ठंडा मौसम दशहरा सीजन के लिए सोने पे सुहागा माना जा रहा है। शनिवार दोपहर बाद जहां पर्यटन नगरी में बादलों के बरसने से ठंड का एहसास लोगों को हुआ है, वहीं गत दो दिन से जिला के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश होने से तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई है।

सोच-समझकर ही आएं सैलानी

एसडीएम केलांग अमर नेगी ने लाहुल-स्पीति पहुंच रहे सैलानियों से प्रशासन ने यह अपील की है कि वह मौसम को ध्यान में रख ही घाटी का रुख करें। 15 सितंबर से एचआरटीसी ने आधिकारिक तौर पर लेह के लिए जहां बस सेवा बंद कर दी है, वहीं प्रशासन ने भी सैलानियों से खराब मौसम के बीच यात्रा न करने की अपील की है।

सेब की फसल को भारी नुकसान, 27 तक बारिश के आसार

शिमला - हिमाचल प्रदेश में मॉनसून फिर से सक्रिय हो गया है। शनिवार को राजधानी शिमला व नारकंडा में झमाझम बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। जिला शिमला में भारी ओलावृष्टि से सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। बारिश से तापमान में भी गिरावट आई है। अधिकतम तापमान में गिरावट आने से राज्य में दिन भी ठंडे हो गए हैं। मौसम विभाग की मानें तो राज्य में 27 सितंबर तक मौसम खराब रहेगा। हालांकि राज्य में 24 सितंबर तक एक-दो स्थानों पर बारिश होगी, लेकिन 25 सितंबर से मानसून के सक्रिय रहने का पूर्वानुमान लगाया जा रहा है। राज्य में शनिवार को दिन की शुरुआत धूप खिलने के साथ हुई थी, मगर दोपहर को आसमान में काले बादल के घिरने के साथ मूसलाधार बारिश का क्रम शुरू हो गया। बारिश होने से अधिकतम तापमान में एक से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। केलांग के अधिकतम तापमान में सबसे ज्यादा चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आंकी गई है। वहीं, डलहौजी, कांगड़ा व भुंतर के तापमान में भी गिरावट आई है। शिमला, कल्पा, नाहन,  हमीरपुर के पारे में भी गिरावट रिकॉर्ड की गई है। शेष हिमाचल के पारे में पहले के मुकाबले उछाल आंका गया है। करसोग, पालमपुर, गगल, धर्मशाला, नगरोटा सूरियां, बैजनाथ, शिमला भुंतर और कुफरी में बारिश दर्ज की गई है। इससे न्यूनतम तापमान में भी हल्की गिरावट आंकी गई है।