Friday, December 13, 2019 07:05 PM

रोहतांग से 110 गाडि़यां आर-पार

मनाली - रोहतांग दर्रे पर बुधवार को वाहनों की अवाजाही शुरू हो गई। मौसम साफ होते ही जहां दर्रे पर परिस्थितियां समान्य हो गई हैं, वहीं प्रशासन ने बुधवार सुबह ही वाहनों के काफिलों को सुरक्षित रोहतांग दर्रा पार करवाया है। दर्रे से बुधवार को करीब 110 छोटे-बड़े वाहन आर-पार हुए हैं। दर्रे पर गाडि़यों की आवाजाही होने से जहां कबायलियों ने राहत की सांस ली है, वहीं मनाली में फंसी लाहुल के राशन की खेप भी दर्रा पार कर केलांग पहुंच गई है। रोहतांग दर्रे के खराब मौसम ने जहां इस बार जनजातीय जिला के लोगों को सर्दियों के आगाज में ही दिक्कतों में डाल दिया है, वहीं लाहुल-स्पीति प्रशासन ने एक बार फिर मौसम विभाग द्वारा जारी खराब मौसम की चेतावनी को ध्यान में रख घाटी में अलर्ट जारी किया है। लाहुल-स्पीति प्रशासन का कहना है कि मौसम विभाग के मुताबिक घाटी में 16 नवंबर तक मौसम दोबारा खराब होने की बात कही गई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के बीच घरों से दूर न जाएं और सुरक्षित स्थलों पर ही रहें। लिहाजा लाहुल के लोगों ने अपने घरों में जरूरी सामान जुटाना शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह रोहतांग दर्रे के दोनों छोर पर सैकड़ों लोग दर्रे के आर-पार जाने के लिए वाहनों में पहुंचे थे। प्रशासन ने सबसे पहले जहां मनाली की ओर से 53 वाहनों को लाहुल की तरफ रवाना किया, वहीं जब यह वाहन कोकसर पहुंचे, तो उसके बाद लाहुल की ओर से 57 वाहन मनाली की तरफ भेजे गए। दर्रे पर जहां विभिन्न स्थलों पर बीआरओ ने अपने जवानों को मशीनों संग तैनात कर रखा था, वहीं प्रशासन की एक टीम भी दर्रे पर मौजूद रही। उधर, वाहन चालकों का कहना है कि रोहतांग दर्रे पर हुए ताजा हिमपात के बाद जहां दर्रे पर वाहन चलाना किसी चुनौती से कम नहीं है, वहीं दर्रे के कुछ स्थलों पर सड़क पर बर्फ जम जाने से वाहनों के फीसलने का खतरा लगातार बना हुआ है। यहां बता दें कि मनाली में फंसे एलपीएस के डीजल व पेट्रोल के टैंकर व राशन से भरे ट्रक भी बुधवार को रोहतांग दर्रा पार कर केलांग पहुंच गए हैं। बीआरओ कमांडर कर्नल उमा शंकर ने खबर की पुष्टि की है।

फंसी सेब की खेप को भी मिला रास्ता

लाहुल में फंसी सेब की खेप भी रोहतांग दर्रा बहाल होने के बाद अब घाटी से बाहर निकलने लगी है। बुधवार को भी रोहतांग दर्रे से सेब के कुछ ट्रक जहां मनाली पहुंचे हैं, वहीं लाहुल के बागाबानों ने भी राहत की सांस ली है।