Monday, July 22, 2019 12:33 AM

लड़ाई-झगड़ा कर कालेज को न करें बदनाम

पोस्ट ग्रेजुएट कालेज हमीरपुर में आम छात्र लड़ाई-झगड़े से खासे परेशान हैं। छात्र संगठनों के झगड़े में आम छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है। छात्र चाहकर भी कालेज में कक्षाएं नहीं लगा पा रहे हैं। ‘दिव्य हिमाचल ’ ने जब आम छात्रों से उनकी राय जानी, तो सभी छात्रों के इस तरह के विचार सामने आए। मंगलेश कुमार—हमीरपुर

लड़ाई-झगड़े से पढ़ाई प्रभावित

मनीष का कहना है कि वह कालेज में पढ़ाई करने आए हैं। कालेज में इस तरह की लड़ाई से छात्रों की पढ़ाई लगातार बाधित हो रही है। छात्र संगठनों की लड़ाई से आम छात्र काफी आहत हैं।

कालेज में न हो लड़ाई-झगड़े

अनुपम ने बताया कि छात्र संगठनों की लड़ाई से आम छात्रों का भविष्य खराब हो रहा है। कालेज में इस तरह के लड़ाई-झगड़े नहीं होने चाहिए, क्योंकि नए छात्रों पर इसका विपरीत असर पड़ता है।

छात्रों की खूनी झड़प से सहमे नए विद्यार्थी

अनमोल का कहना है कि वह हमीरपुर महाविद्यालय में इतनी दूर से इसलिए दाखिला नहीं लिया है, ताकि कालेज में लड़ाई-झगड़े के चलते उनकी पढ़ाई बाधित हो। फर्स्ट ईयर छात्र खूनी झड़प के उपरांत काफी सहमे हुए हैं।

छात्रों के अभिभावकों में भी दहशत

पूजा ने बताया कि कालेज में खूनी झड़प के बाद परिजन भी उन्हें कालेज भेजने में आनाकानी कर रहे हैं। कालेज परिसर में जिस तरह छात्र संगठनों में हथियार चलाए गए हैं, उससे छात्रों के अभिभावकभी दहशत में हैं।

कालेजों में लड़ाई-झगड़ों पर लगे लगाम

रूबी ने बताया कि कालेजों में इस तरह के लड़ाई-झगड़े बिलकुल बंद होने चाहिए, ताकि छात्र कालेज में बिना किसी डर के पढ़ाई कर सकें। छात्रों के अभिभावक भी लड़ाई-झगड़े के चलते काफी परेशान हैं। क्योंकि कालेज में ऐसा ही चलता रहा, तो छात्रों का सलेब्स कैसे पूरा होगा।

छात्रों की सुरक्षा के लिए हों पुख्ता इंतजाम

एकता का कहना है कि कालेज प्रबंधन को छात्रांे की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुख्ता इंतजाम करने चाहिए, ताकि कोई भी छात्र लड़ाई-झगड़े में घायल न हो सके। बीते दिनों कालेज में हुई खूनी झड़प के बाद छात्रों ने कालेज आना कम कर दिया है।