लाखों के मेडिकल क्लेम आज भी पेंडिंग

सरकार से नाराज पूर्व कर्मी बोले, आश्वासनों के बाद भी नहीं मिले वित्तीय लाभ

शिमला - हिमाचल प्रदेश के सेवानिवृत कर्मचारी सरकार से खफा हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बार-बार उन्हें आश्वासन तो दे रहे हैं, लेकिन उनके बारे में अब तक कोई फैसला नहीं हो सका है। मंगलवार को यहां पंचायत भवन में उन्होंने एचआर वशिष्ठ की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैठक कर विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। पेंशनर्ज को सरकार 5-10-15 की पेंशन वृद्धि का लाभ पंजाब की तर्ज पर अभी तक नहीं दे पाई है। वर्तमान भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पहले उनसे वादा किया था कि सरकार बनने के बाद उन्हें लाभ दिया जाएगा, लेकिन अभी तक उनके बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इस दौरान पेंशनर्ज ने रणनीति बनाई है कि यदि जल्द सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो वे संघर्ष कर राह पर उतरेंगे। बताया जाता है कि पेंशनर्ज के लाखों रुपए के मेडिकल बिल फंसे हुए हैं, जिनको क्लीयर करने के लिए वित्त विभाग पैसा नहीं दे रहा है। पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव हरिचंद गुप्ता का कहना है कि हर जिला में पूर्व कर्मियों को लाखों रुपए के क्लेम अभी तक नहीं मिल पाए हैं।  यदि सरकार का रवैया इसी तरह का रहता है तो मजबूरन उन्हें कोई कदम उठाना पडे़गा। मंगलवार को यहां पंचायत भवन में आयोजित बैठक के दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपनी नाराजगी जताई और इस सिलसिले में एक दफा फिर सीएम से मुलाकात करने की बात कही। उरन्होंने करीब 17 मांगों का अपना मांगपत्र सरकार को सौंप रखा है। पेंशनर एसोसिएशन ने प्रदेश भर में अपना सदस्यता अभियान शुरू करने का भी ऐलान किया। सभी जिला पदाधिकारियों को सदस्यता अभियान को गति देने के लिए कहा गया है। ब्लॉक स्तर तक बैठकें कर सुझाव कार्यकारिणी को देने के लिए भी कहा गया है।

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