Wednesday, July 17, 2019 07:58 PM

लाख से कम इन्कम पर फ्री कानूनी मदद

रिकांगपिओ—हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्त्वाधान में जिला विधिक प्राधिकरण किन्नौर द्वारा जनजातीय विधिक सेवाएं एवं जन धारणा पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन रिकांगपिओ सिथत रामलीला मैदान में आयोजित किया गया। इस शिविर में माननीय उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश व कार्यकारी अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्रधिकरण न्यायमूर्ति धर्म चंद चौधरी बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस असवर पर उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्त्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर माननीय न्यायमूर्ति धर्म चंद चौधरी ने कहा  प्रत्येक उच्च न्यायालय में उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति का गठन किया गया हैए जिसके सचिव एक न्यायिक अधिकारी है। जिला स्तर परए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन किया गया है जिसमें जिला न्यायाधीश जिला विधिक सेवा प्रधिकरण के अध्यक्ष और न्यायिक अधिकारी सचिव हैं। उन्हांने बताया कि महिला और बच्चे, अनुसूचित जाति-जनजाति के लोग, औद्योगिक कामगार, बड़े पैमाने पर आपदा, हिंसा, बाढ़, सूखा, भूकंप व औद्योगिक आपदा से पीडि़त, विकलांग व्यक्ति, हिरासत में व्यक्ति, वे व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपए से अधिक नहीं है निःशुल्क कानूनी सेवाए प्राप्त करने के लिए पात्र हैं। उन्होंने कहा कि निःशुल्क कानूनी सेवाओं का तात्पर्य है उन गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों की दीवानी और फौजदारी मामलों में किसी भी अदालत की कानूनी कार्यवाही में या न्यायाधिकरण में या एक प्राधिकारी के समक्ष, मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करना हैं।  उन्होंने लोगों से अपील की कि छोटे-छोटे घरेलू समस्याओं को पंचायत स्तर पर या आपसी मेलजोल से ही सुलझाना चाहिए। जिससे वकीलों का खर्च ही नहीं बल्कि रुपए व समय की भी बचत होती है। उन्होंने कहा कि मेरे लिए हर्ष की बात है कि मुझे किन्नौर के धरती पर आने का अवसर मिला।  इस अवसर पर उपायुक्त किन्नौर गोपाल चंद ने भी लोगों को संबोधित किया। इस अवसर पर सदस्य सचिव हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण प्रेम पाल रांटा, अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन राम सिंह नेगी, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पदम सिंह, पुलिस अधीक्षक किन्नौर साक्षी वर्मा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण निखिल अग्रवाल, उपमंडलाधिकारी सुरेंद्र ठाकुर सहित कई  लोग उपस्थित थे।