Saturday, July 04, 2020 11:35 AM

लार पर बैन उम्र भर नहीं, आईसीसी कमेटी के अध्यक्ष कुंबले बोले, प्रतिबंध अंतरिम

नई दिल्ली - अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की क्त्रिकेट समिति के अध्यक्ष अनिल कुंबले ने कहा है कि गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध अंतरिम कदम है। कोविड-19 महामारी से जुड़ी स्थिति नियंत्रित होने पर चीजें दोबारा सामान्य हो जाएंगी। संक्रमण के खतरे को न्यूनतम करने के लिए कुंबले की अगवाई वाली समिति ने लार के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने की सिफारिश की है। आईसीसी ने क्रिकेट दोबारा शुरू करने के अपने दिशानिर्देशों में भी इसे प्रतिबंधित करने का सुझाव दिया। कुंबले ने एक के शो क्रिकेट कनेक्टेड से कहाकि यह सिर्फ अंतरिम उपाय है और उम्मीद करते हैं कि कुछ महीनों या एक साल में चीजें नियंत्रित होंगी और मुझे लगता है कि चीजें पहले की तरह सामान्य होंगी। लार पर बैन को लेकर गेंदबाजों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी है, जिनका कहना है कि इससे निश्चिततौर पर स्विंग हासिल करने पर असर पड़ेगा, लेकिन अधिकांश ने इससे इस्तेमाल से होने वाले संभावित स्वास्थ्य जोखिम को स्वीकार किया है। इस तरह की भी चर्चा है कि आईसीसी को गेंद को चमकाने के लिए वैक्स जैसे तत्त्वों के इस्तेमाल की स्वीकृति देनी चाहिए या नहीं। कुंबले ने कहा कि बाहरी पदार्थों के इस्तेमाल को लेकर चर्चा हुई थी। कुंबले ने इस कयास पर कहा कि अगर आप खेल के इतिहास को देखो, मेरे कहने का मतलब है कि हम काफी आलोचनात्मक रहे हैं और बाहरी पदार्थों को खेल में आने से रोकने पर हमारा काफी ध्यान रहा है।

गेंदबाजों को ही फायदा

लंदन - इंग्लैंड के कप्तान जो रूट का मानना है कि कोविड-19 के सक्रमण को रोकने के इरादे से गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर लगी रोक से गेंदबाजों के कौशल में सुधार हो सकता है, जिन्हें पिच से मदद हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। रूट ने कहा कि आम तौर पर मिलने वाली सहायता मौजूदा नहीं होने का मतलब है कि आपको अपनी सटीकता में सुधार करना होगा। उन्होंने कहा कि खिलाडि़यों को पिच से मदद हासिल करने का कोई और तरीका ढूंढना होगा।