Thursday, October 24, 2019 04:00 AM

लाहुल के किसानों को दिए खेतीबाड़ी के टिप्स

केलांग -जिला लाहुल-स्पीति के केलांग में मंगलवार को एक दिवसीय जिला स्तरीय कृषि मेले का आयोजन किया गया। इस मेले का आयोजन कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण लाहुल-स्पीति द्वारा किया गया। किसान मेले में कृषि, आईटी एवं जनजातीय विकास मंत्री डा. रामलाल मार्कंडेय ने मुख्यातिथि के तौर पर शिरकत की। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में अत्याधिक रायायनिक खाद के प्रयोग से किसानों को वांछित लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों को खेती करने के लिए अधिक व्यय करना पड़ रहा है।  रायायनिक खाद के प्रयोग से मिट्टी का स्वास्थ्य भी खराब हो रहा है जिससे पैदावार भी कम हो रही है। इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए आज प्राकृृतिक खेती की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती को अपनाने से किसान फसल की अधिक पैदावार प्राप्त कर सकता है तथा कृषि भूमि को अधिक नुकसान भी नहीं होगा। उन्होंने इस अवसर पर लाहुल के किसानों को अवगत करवाया कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को कृषि विश्वाविद्यालय पालमपुर में प्रशिक्षण भी दिया जाता है। उन्होंने किसानों को बताया कि शीघ्र ही जिला मुख्यालय केलांग में मिट्टी परीक्षण लैब का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने किसानों को यह भी जानकारी दी कि प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के तहत मटर व गोभी को भी शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि 37 विभिन्न प्रकार की जड़ी बूटियों को कृषि उपज के तौर पर शामिल किया गया है, जिससे किसानों को काफी फायदा होगा। कृृषि मंत्री ने तीन किसानों को राज्य कृषि यंत्रीकरण कार्यक्रम के तहत कृषि हेतू ट्रैक्टर की चाबी भी प्रदान की। इन टैक्टरों पर राज्य सरकार द्वारा तीन लाख रुपए का अनुदान दिया जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी डा. हेम राज वर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा जिला में चलाई जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। किसान मेले के दौरान कृृषि विज्ञान केंद्र कुमुमसेरी के वैज्ञानिक डा.लव भूषण, डा.सुरेंद्र ठाकुर, डा.रमेश लाल, राष्ट्रीय ओषधीय पौध बोर्ड के वैज्ञानिक डा. मदन लाल  व कृषि विभाग के एसएमएस डा. राजेंद्र ठाकुर ने प्राकृतिक खेती व किसानों को प्राकृतिक कीटनाशक बनाने, मिटटी परीक्षण एवं बीजों के उपचार के बारे में किसानों को विस्तृृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान कृषि में काम आने  वाली उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।