Wednesday, April 24, 2019 05:32 AM

लाहुल में चढ़ने लगा सियासी पारा

केलांग—लोकसभा चुनावों से पहले जहां चुनाव आयोग ने लाहुल की सड़कों को बहाल करने के निर्देश दिए हैं, वहीं जिला से बाहर फंसे लोग भी अब घाटी पहुंचने लगे हैं। मौसम के खुलते ही लाहुल के लोग हेलिकाप्टर में अपनी बारी का इंतजार करने से बेहतर अब रोहतांग दर्रे को पैदल लांघना जयादा बेहतर समझ रहे हैं। इस फेहरिस्त में गुरुवार को 25 लोगों ने रोहातंग दर्रे को पैदल पार किया है। इनमें से 20 लोग मनाली से लाहुल की तरफ रवाना हुए, जबकि घाटी से पांच लोग मनाली की ओर आए। मौसम के साफ होने के बाद लाहुल में जनजीवन अब पटरी पर लौटना शुरू हो गया है। यहां पर सड़कों की बहाली का जहां काम युद्ध स्तर पर जारी है, वहीं बर्फ पिघलने के साथ ही टूटी विद्युत लाइनों को भी जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। लिहाजा लोकसभा चुनावों के नजीदीक आते ही लाहुल में भी अब सियासी पारा चढ़ने लगा है। यहां राजनीति संगठनों के लोग जहां चुनावा प्रचार की रणनीति बनाते असानी से देखे जा सकते हैं, वहीं घाटी से बाहर रहने वाले युवा भी अब लाहुल का रुख करने लगे हैं। रोहतांग दर्रे को पैदल पार करने वाले लोगों का आंकड़ा जहां अब बढ़ने लगा है, वहीं लाहुल-स्पीति प्रशासन द्वारा मढ़ी व कोकसर में स्थापित की गई रेस्क्यू चैक पोस्ट्स में तैनात जवान लोगों को सुरक्षित रोहतांग दार्रा पार करवा रहे हैं, वहीं इस फेहरीस्त में अब मनाली की और से भी लाहुल जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ने लगी है। गुरुवार को 20 लोगों ने रोहतांग दर्रे को मनाली की ओर से पैदल पार करते हुए लाहुल पहुंचे। लोगों का कहना है कि जनजातीय जिला के लिए हो रही हेलिकाप्टर की उड़ानों का न तो कोई भरोसा है और न ही लोगों को समय पर उड़ानों की सुविधा मिल पा रही है। ऐसे में मौसम साफ होने पर लोग अब रोहतांग दर्रे को पैदल पार करना ज्यादा बेहतर समझ रहे हैं। यहां बता दे कि मनाली की तरफ से लोग गाडि़यों में बैठ रोहतांग की और 33 किलोमीटर तक सफर असान से तय कर रहे हैं। ऐसे में आधी दूरी जहां रोहतांग को पैदल पार करने वाले लोग गाडि़यों में तय कर रहे हैं, वहीं बाकि का रास्ता लोग बर्फ के बीच पैदल चल पार कर रहे हैं। मढ़ी व कोकसर में स्थापित रेस्क्यू चैक पोस्ट्स पर लोगों का जहां पंजीकरण किया जा रहा है, वहीं रोहतांग दर्रे को भी सुरक्षित पार करवाया जा रहा है। एसडीएम केलांग अमर नेगी का कहना है कि  पिछले कुछ दिनों से रोहतांग दर्रे को पैदल पार कर लाहुल आने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि मौसम को ध्यान में रख ही लोगों का दर्रा पार करवाया जा रहा है। रोहतांग दर्रे का अगर मौसम खराब होता है तो लोगों को भी दर्रा पार नहीं करने दिया जाता है। गौरतलब है कि लाहुल-स्पीति का प्रवेश द्वार कहलाए जाने वाले रोहतांग दर्रे पर जहां बर्फ हटाने का काम बीआरओ ने युद्ध स्तर पर शुरू कर रखा है, वहीं दर्रे को लोग अब भारी संख्या में पैदल पार कर रहे हंै। ऐसे में हेलिकाप्टर की उड़ानों पर अब लोक निर्भर नहीं है। गुरुवार को भी 25 लोग रोहतांग दर्रे को पैदल पार कर घाटी के आरपार हुए हैं।