Tuesday, June 02, 2020 10:07 AM

लॉकडाउन ने आग से बचाए जंगल

फायर सीजन में चिंतपूर्णी के वन में नहीं आया अग्निकांड का मामला

भरवाईं-गर्मियां शुरू होते ही वन्य क्षेत्रों में आग लगने शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार लॉकडाउन की वजह से वन्य संपदा सुरक्षित रही। चिंतपूर्णी क्षेत्र के  जंगल अभी तक सुरक्षित है। वन्य क्षेत्रों में अभी तक कोई आग लगने की सूचना नहीं मिली है। पिछले कई सालों से अप्रैल माह से ही वन्य क्षेत्रों में आग लगने शुरू हो जाती थी और मई आते आते आधे से ज्यादा जंगल जल चुके होते थे जिसके साथ अन्य कई वन्य प्राणी भी जल जाते थे। लेकिन इस बार शायद लॉकडाउन की वजह से जंगल सुरक्षित रहे। वन्य अधिकारियों के अनुसार फायर सीजन 15 अप्रैल से शुरू हो जाता है और यह समय वन्य क्षेत्र चीड़ के जंगलों के लिए अति संवेदनशील माना जाता है। पिछले कुछ सालों से अप्रैल माह के दौरान चिंतपूर्णी के वनों में आग अपना कहर बरसाती रही है। जिसके दौरान 2018 में 17 हेक्टेयर जंगल आग की भेंट चढ़ गया क्षेत्र के बताना, ज्वाल आदि जंगलों में काफी समय से आग लगती रही है। इस बार अप्रैल महीना पूरा लॉकडाउन में ही बीता है जिस दौरान लोगों को घर से निकलने का ज्यादा समय नहीं लगा ऐसे में कहीं ना कहीं लॉकडाउन वन्य संपदा बचाने में सहाय रहा।  वहीं भरवाईं बीट के रेंज अधिकारी प्यार सिंह ने कहा कि लोगों को समय समय जागरूक किया जा रहा है। कहीं न कहीं लॉकडाउन की वजह से अभी तक आग लगने की कोई घटना नहीं हुई है। लाउडस्पीकर द्वारा आम जनता से अपील की जा रही है कि वन संपदा को सुरक्षित रखने के लिए वन विभाग का सहयोग करें।