Monday, June 01, 2020 02:19 AM

लॉकडाउन मे फंसे लोगों को आपदा कोष से खाना

शिमला  - मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशानुसार राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष के तहत जारी किए धन का उपयोग अब लॉकडाउन में फंसे लोगों के लिए भोजन के प्रावधान के लिए किया जा सकता है। इसे पहले आपदा संबंधी गतिविधियों के लिए ही इस्तेमाल किया जाता था। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को भी इससे संबंधित निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन लॉकडाउन के कारण फंसे हुए लोगों की मदद कर रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उनके लिए भोजन और रहने की उचित व्यवस्था की जाए। इसी तरह चंडीगढ़ या दिल्ली में रह रहे छात्र, वहां कार्य करने वाले लोग, जो लॉकडाउन के कारण फिलहाल घर वापस नहीं आ सकते, उनके लिए हिमाचल भवन चंडीगढ़ और दिल्ली में व्यवस्था कर दी गई है। लॉकडाउन के कारण फंसे हुए प्रवासी मजदूरों के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिलेवार समेकित रिपोर्ट तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि 15 फरवरी, 2020 के बाद हिमाचल प्रदेश के विभिन्न गांवों में कुल 6943 मजदूर आए, लेकिन किसी में भी कोविड-19 के संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए। उन्होंने कहा कि 9629 प्रवासी मजदूरों को मुफ्त राशन वितरित किया गया है और 1735 प्रवासी मजदूरों के लिए विभिन्न पंचायतों द्वारा ठहरने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान लोगों की आवाजाही कम करने के लिए उन्हें, राशन और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने लोगों को घर में ही रहने में मदद करने के लिए स्वयंसेवकों के माध्यम से होम डिलीवरी की शुरुआत कर दी गई है। उन्होंने बताया कि सरकार कोविड-19 वायरस के कारण किए गए लॉकडाउन के दौरान लोगों को हर संभव सहायता पहुंचा रही है। वस्तुओं की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने के लिए राज्य में आवश्यक और गैर-आवश्यक सभी वस्तुओं के परिवहन की अनुमति प्रदान की गई है।

कई जिलों में बांटी जरूरी चीजें

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में सोमवार को विभिन्न सीमावर्ती जिलों में विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की गई। बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, सिरमौर, सोलन और ऊना सीमावर्ती जिलों में 75 वाहनों में 19534 एलपीजी सिलेंडर, 19 वाहनों में 140450 लीटर डीजल/पेट्रोल, 129 वाहनों में 40200 लीटर दूध, 646 वाहनों में 2132 टन से अधिक किराने का सामान व सब्जियां, 1400 ब्रैड के पैकेट व अंडों की 400 ट्रे, 78 वाहनों में 243 टन विभिन्न जरूरी दवाइयां, सेनेटाइजर व मास्क तथा 61 वाहनों में 242 टन से अधिक पशुओं के चारे की आपूर्ति की गई है।

हिमाचल भवन दिल्ली में नियंत्रण कक्ष स्थापित

शिमला, धर्मशाला - कोविड-19 के चलते दिल्ली एनसीआर में फंसे प्रदेश के लोगों की सहायता के लिए हिमाचल भवन नई दिल्ली में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यह कंट्रोल रूम दिन-रात कार्य करेगा। हिमाचल सरकार के दिल्ली में आवासीय उपायुक्त विवेक महाजन ने सोमवार को इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इस नियंत्रण कक्ष में सुबह दस से शाम पांच बजे तक दूरभाष संख्या 011-23716574, 23711964 और 24105386 पर संपर्क किया जा सकता है। शाम पांच बजे से सुबह दस बजे तक हेल्पलाइन नंबर 011-23716124-27 और 011-24105386-88 पर संपर्क किया जा सकता है। विवेक महाजन ने कहा कि हिमाचल चैप्टर सृजित किया गया है। इसमें हिमाचल के विशिष्ट नागरिक और गैर सरकारी संस्थाएं शामिल हैं, जो दिल्ली एनसीआर में फंसे अपने-अपने क्षेत्रों के लोगों की सहायता करने लिए आगे आए हैं। वहीं, सरकार ने हिमाचल भवन चंडीगढ़ में युवाआें को ठहराने को लेकर की गई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए आफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी का जिम्मा दिया है। एचएएस अधिकारी राजीव कुमार, जो कि महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र सोलन के पद पर तैनात हैं, को यह जिम्मा सौंपा गया है।