Friday, December 13, 2019 07:15 PM

वन-वे से सुधार…अतिक्रमण ने पसारे पांव

बाजारों में गाडि़यों का बोझ कम होने से राहत; दुकानदारों ने सड़कों पर सजाया सामान, राहगीर परेशान

धर्मशाला -धर्मशाला शहर के कोतवाली बाजार से पर्यटन एवं बौद्ध नगरी मकलोडगंज, भागसूनाग और खनियारा के लिए महत्त्वपूर्ण सड़क मार्ग है, लेकिन दशकों से बाजारों की सड़कें बड़े दुकानदारों का अतिक्रमण झेल रही हैं।  लगातार बढ़ती मार्केट और सड़कों की तरफ खिसकते हुए दुकानों ने सड़कों को बिलकुल संकरा कर दिया है। इसके कारण अब आवाजाही आफत बनती जा रही है। दोनों तरफ के वाहनों की आवाजाही से घंटों तक सड़कें पूरी तरह से जाम रहती थी, लेकिन शहर में अब वन-वे व्यवस्था करने से काफी व्यवस्था में सुधार आया है। हालांकि अब भी दुकानदारों और लापरवाह नागरिकों की बेतरतीब पार्किंग फिर से सताने लगी है। कैंट रोड, खनियारा रोड, गुरुद्वारा रोड व ओल्ड चड़ी रोड में अवैध अतिक्रमण करके बेतरतीव पार्किंग तक की जा रही है। हालांकि उक्त सड़क मार्गों से स्थानीय लोगों की आवाजाही हो सकती है, लेकिन जकड़े हुए मार्ग अब सुविधा की बजाय परेशानी बढ़ा रहे हैं।  पर्यटक नगरी धर्मशाला में मकलोडगंज जाने के लिए वन-वे व्यवस्था होने से कोतवाली बाजार में गाडि़यों की भीड़ एकदम से कम हो गई है। इससे आम जनता और पर्यटकों को सुविधा मिल रही है। धर्मशाला के अधिकतर लोग कोतवाली बाजार में खरीदारी करने के लिए पहुंचते हैं। 

रिज की तरह बनाने का प्रोपोजल ठंडा

शहर में स्मार्ट मार्केट और माल रोड की तर्ज पर बाजार बन रहा है, जिसमें लोग आसानी से घूम-फिरकर अपनी खरीददारी कर सकते हैं। आजादी से भी कई वर्ष पूर्व से चलने वाली कोतवाली बाजार की मार्केट को ऐतिहासिक बाजार बनाकर पर्यटकों के लिए घूमने-फिरने के लिए रखने की भी बात बुद्धिजीवियों द्वारा समय-समय पर उठाई जाती रही है। इतना ही नहीं, कोतवाली को माल रोड बनाने की बात भी उठती रही है, जिससे रघुवीर सिंह क्लब के साथ बस स्टैंड को जोड़कर रिज की तर्ज पर एक खूबसूरत नजारा भी शहर के लिए तैयार किए जाने का भी प्रोपोजल भी बने थे, लेकिन अभी तक धरातल में कुछ भी शुरू नहीं हो पाया है।

वन-वे से बाजार से ट्रैफिक का बोझ कम

लोगों को बड़ी सुविधा प्रदान करते हुए बाजार से ट्रैफिक के बोझ को कम कर दिया गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही सूचारू रूप से हो सकें। इसके लिए मुख्य सड़क मार्गों बाइपास रोड मकलोडगंज का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही खनियारा से आने वाले वाहनों के लिए श्यामनगर से उचित व्यवस्था धर्मशाला पहुंचने की गई है। बावजूद इसके अब बाजार के कारोबारियों द्वारा फिर से दो ओर से वाहनों की गुज़रने की बात कहकर शहर को ठप किए जाने की बात उठाई जा रही है। हालांकि सरकार, प्रशासन व पुलिस विभाग ने कारोबारियों और आम लोगों की सहमति से विचार-विमर्श करने के बाद ही वन-वे व्यवस्था लागू की है।