वर्ल्ड कप हार के लिए बलि का बकरा बने बांगड़

मुंबई - कप्तान विराट कोहली की पसंद रवि शास्त्री को कपिल देव की अगवाई वाली तीन सदस्यीय समिति ने फिर से अगले दो साल के लिए टीम इंडिया का कोच चुन लिया था, लेकिन बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ अपनी जगह नहीं बचा पाए। बांगड़ टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ के महत्त्वपूर्ण सदस्य थे और पिछले दो सालों में टीम इंडिया का जैसा प्रदर्शन रहा था, उसमें शास्त्री के साथ बांगड़ का भी पूरा योगदान रहा। भारतीय टीम को पिछले महीने इंग्लैंड में विश्वकप के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा और ऐसा लगता है कि उस हार के लिए बांगड़ बलि का बकरा बन गए। शास्त्री ने तीन सदस्यीय समिति के सामने वेस्टइंडीज से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बताया था कि उन्होंने 2017 में कोच पद संभालने के बाद से टीम इंडिया को कैसे उठाया था। यदि शास्त्री को कोच पद पर बरकरार रखा जा सकता है तो फिर बांगड़ की छुट्टी क्यों की गई। यह सवाल इस समय भारतीय क्रिकेट में यक्ष प्रश्न बन गया है। बल्लेबाजी कोच के लिए बांगड़ को विक्रम राठौड़ ने पछाड़ा और टीम इंडिया के नए बल्लेबाजी कोच बन गए। टीम के बल्लेबाजी कोच के लिए बीसीसीआई की सीनियर चयन समिति ने बीसीसीआई मुख्यालय में बैठक की थी और टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ के लिए उम्मीदवारों का साक्षात्कार किया था। पांच सदस्यीय समिति में अध्यक्ष एमएसके प्रसाद, शरणदीप सिंह, गगन खोड़ा और जतिन परांजपे मौजूद थे, जबकि देवांग गांधी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस बैठक से जुड़े थे। मौजूदा बल्लेबाजी कोच बांगड़ का मुकाबला इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज मार्क रामप्रकाश और विक्रम राठौड़ से था। हालांकि ऐसा माना जा रहा था कि बांगड़ का दावा इसके लिए मजबूत है और वह एक बार फिर टीम के बल्लेबाजी कोच नियुक्त किए जा सकते हैं। बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी ने राठौड़ को अनुभवी बताते हुए उन्हें इस पद का योग्य उम्मीदवार बताया। बांगड़ के बदले राठौड़ को टीम का नया कोच बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा, टीम मैनजमेंट में सबके अपने अलग-अलग विचार हैं, लेकिन मुझे लगता है कि टीम के सपोर्ट स्टाफ में नए चेहरों को जगह मिलनी चाहिए। मुख्य चनयकर्ता एमएसके प्रसाद ने कहा, इस पद के लिए पहली पसंद को टीम का बल्लेबाजी कोच बनाया जाना है और दूसरे व तीसरे पसंद के उम्मीदवार एनसीए और इंडिया ए के बल्लेबाजी कोच बन सकते हैं। 

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