Tuesday, June 02, 2020 10:28 AM

वाह! लॉकडाउन में पुलिस कर्मी ने अपने घर ठहराया कोलकाता का परिवार

हिमाचल की वादियों को निहारने के लिए पैकेज टूअर पर आए मेहमानों की मदद कर पेश की मिसाल, पुलिस विभाग का नाम किया रोशन

बरमाणा, जुखाला-लंबे समय तक बिलासपुर एसपी आफिस में सहायक कानून अधिकारी के पद पर रहे और वर्तमान में डैहर पुल पर अपनी सेवाएं दे रहे प्रकाश चंद बंसल ने मुसीबत के मारे लोगों को अपने घर में आश्रय देकर न सिर्फ  इलाके का बल्कि अपने पुलिस विभाग का नाम भी रोशन किया है। हिमाचल की वादियों को निहारने के लिए पैकेज टूअर पर एक कोलकाता का परिवार आया था, लेकिन शिमला व मनाली घूमने के बाद यह लोग लॉकडाउन के कारण सुंदरनगर में फंस गए। वहीं, टैक्सी चालक भी उन्हें किसी होटल में छोड़कर चला गया। कुछ दिन परेशानी में रहने के बाद बिलासपुर पुलिस के मुख्य आरक्षी प्रकाश चंद बंसल जो इन दिनों डैहर पुल पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं ने अपने नए घर सुंदरनगर जा रहे थे कि रास्ते में उन्हें यह परिवार सड़क पर मिला और फिर उनकी समस्या सुनी। बंसल ने जिला प्रशासन को सूचित किया। प्रशासन ने इन लोगों को भोजन मुहैया करवाया और कहीं ठहरने की व्यवस्था की। व्यवस्था ठीक न होने के कारण यह परिवार और परेशान हो गया था। फिर उन्होंने प्रकाश बंसल को अपनी समस्या से अवगत करवाया। श्री बंसल ने उन्हें अपने घर रहने की आफर की लेकिन यह परिवार ना-नुकर कर वहां चला गया। श्री बंसल ने अपने मकान में अलग से पूरा सेट इन्हें रहने के लिए दिया है। यह परिवार स्वयं अपनी पंसद का भोजन बनाता है और पूरी आजादी से रह रहा है। इस परिवार के मुखिया साज्जल मंडल, अपनी पत्नी रूपाली मंडल तथा बेटा अभि और बेटी फेंटेसी निवासी जाधवपुर कोलकाता अब खुश हैं। हालांकि जिला प्रशासन भी इनसे बराबर संपर्क बनाए हुए हैं। गौर हो कि प्रकाश चंद इस परिवार की सेवा बिल्कुल निस्वार्थ भाव से कर रहे हैं। इनके खाने पीने का पूरा बंदोबस्त मुफ्त किया जा रहा है। प्रकाशचंद बाकायदा उनकी पंसद का भोजन, सामग्री आदि लाकर उन्हें देते हैं। लॉकडाउन और कर्फ्यू के इस माहौल में मानवता की सेवा करने का ऐसा विलक्षण मौका बिरले लोगों को ही मिलता है।  बिलासपुर पुलिस विभाग में कानून अधिकारी पर लंबे समय से सेवा दे रहे प्रकाशचंद की कानून पर अच्छी पकड़ है तथा अब डैहर पुल के इस पार अपनी सेवाओं को ईमानदारी से जारी रखे हुए हैं। मानव सेवा ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य प्रकाश चंद द्वारा बिलासपुर और मंडी में बुजुर्गों के लिए डे-केयर सेंटर चलाए हुए हैं। बुजुर्गों की सेवा करनाए नशे में गए युवाओं को वापस समाज की मुख्य धारा में लाना, गरीब व असहाय लोगों की मदद करने में अगली पंक्ति में खड़े होना प्रकाश की जीवनशैली का हिस्सा है। इन दिनों वे कोरोना वॉरियर की भूमिका में प्रदेश पुलिस के साथ हिमाचल का नाम भी रोशन कर रहे हैं। यही नहीं समाज सेवा की इनकी प्रोफाइल बहुत लंबी है।

कोलकाता में आए तूफान ने फिर रोक दिए कदम

पर्यटक परिवार की बेटी फैंटेसी मंडल का कहना है कि हमें परेशानी से निकालकर और न सिर्फ  अपने घर में जगह देकर बल्कि हमारी हर जरूरत को बिना कोई पैसा लिए पूरा करने वाले प्रकाश चंद देव स्वरूप लोग ही ऐसे होते हैं। वे सारे परिवार के साथ घुल मिल कर रहते हैं। उन्होंने कहा कि अभी उन्हें 20 मई को जाना था, लेकिन पश्चिम बंगाल में समुद्री तूफान के कारण कार्यक्रम स्थगित हो गया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी उनसे संपर्क बनाए हुए हैं।