Monday, April 06, 2020 06:04 PM

विदेश से आए लोग जल्द दें सूचना

डीसी बिलासपुर ने जारी किए आदेश; होम क्वारंटाइन के फैसले का करना होगा पालन, नहीं तो कार्रवाई

बिलासपुर-अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) द्वारा जारी आदेशों की अनुपालना करते हुए उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने बताया कि महामारी रोग अधिनियम 1897 धारा 2, 3 और 4 के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश एपीडेमिक डिजीज कोविड-19 रेगुलेशन 2020 और कलॉज 3 के तहत पूरे प्रदेश में आगामी आदेशों तक तत्काल प्रभाव से लॉकडाउन अधिसूचित किया है। उन्होंने बताया कि राज्य के अंदर और राज्य के बाहर निजी स्तर पर टैक्सी, ऑटो रिक्शा और किराए की गाड़ी इत्यादि की आवाजाही को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। अंतरराज्यीय एवं राज्य की बसें, ट्रेनों और व्यावसायिक विमानों की आवाजाही या ठहराव पर पूर्ण प्रतिबंध होगा। उन्होंने बताया कि निजी वाहनों को भी केवल आपातकाल स्थिति, अस्पताल आने जाने और आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने के लिए आवागमन की अनुमति होगी। उन्होंने कहा कि करियाना, दूध, ब्रेड, फल, सब्जी, मांस, मछली और अन्य बिना पके खाद्य पदार्थ बेचने वाली दुकानों और उनके परिवहन संबंधी गतिविधियों और भंडारण के अलावा सभी दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, कारखाने कार्यशालाएं और गोदाम इत्यादि बंद रहेंगे। इसके अलावा पेट्रोल पंप, एलपीजी गैस, तेल एजेंसियां, उनके गोदाम और उनकी परिवहन संबंधी गतिविधियां भी जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि नौ मार्च या उसके बाद विदेश से देश में आने वाले सभी नागरिकों को होम क्वारंटाइन निर्णय का पालन करना आवश्यक होगा। ऐसे सभी विदेश से आए नागरिकों के लिए संबंधित जिला निगरानी अधिकारी को सूचित करना अनिवार्य होगा और 104 टोल फ्री नंबर पर होम क्वारंटाइन के लिए खुद को पंजीकृत करवाना होगा। इन आदेशों के उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त कानून और व्यवस्था, मजिस्ट्रेट ड्यूटी, पुलिस शस्त्रबल, केंद्रीय अर्ध सैनिक बल, स्वास्थ्य कोषागार, शहरी स्थानीय निकाय, ग्रामीण विकास, अग्निशमन, बिजली, पानी, नगरपालिका सेवाओं, बैंक व एटीएमए प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडियाए दूरसंचार, आईटी और सहित इंटरनेट सेवाएं, डाक सेवाएं, आपूर्ति श्रृंखला व सम्बन्धित परिवहन और इनके अतिरिक्त कोई अन्य सेवाएं जो उपायुक्त आवश्यक समझें वह भी जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा आधार पर अवकाश जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रमाणित किए जाने पर ही स्वीकार्य होगा।