Monday, September 23, 2019 01:54 AM

विराट के ताज को खतरा

धमाकेदार फार्म में चल रहे स्मिथ टेस्ट रैंकिंग में महज नौ अंक पीछे

दुबई - ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने आईसीसी की सोमवार को जारी टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में न्यू जीलैंड के कप्तान केन विलियमसन को पीछे छोड़कर दूसरा स्थान हासिल कर लिया और अब वह शीर्ष पर काबिज विराट कोहली से केवल नौ अंक कम हैं। भारतीय कप्तान के 922 अंक हैं और वह दुनिया के नंबर एक टेस्ट बल्लेबाज बने हुए हैं। बर्मिंघम में दोनों पारियों में शतक जड़ने के बाद लार्ड्स में 92 रन की पारी खेलने वाले स्मिथ के 913 अंक हैं। जो रूट को नुकसान शीर्ष दस में शामिल अन्य भारतीयों में चेतेश्वर पुजारा चौथे स्थान पर बने हुए हैं। श्रीलंका के कप्तान दिमुथ करुणारत्ने न्यूजीलैंड के खिलाफ शतक जड़ने के कारण चार पायदान ऊपर 8वें स्थान पर पहुंच गए हैं। दक्षिण अफ्रीका के एडेन मार्करम ने भी अपनी रैंकिंग में सुधार किया है और वह छठे स्थान पर पहुंच गए हैं। दूसरी ओर, इंग्लैंड के कप्तान जो रूट को खराब फॉर्म का खामियाजा भुगतना पड़ा और वह 9वें स्थान पर खिसक गए हैं। गेंदबाजों की सूची में पैट कमिंस शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि रविंद्र जडेजा एक पायदान ऊपर 5वें स्थान पर पहुंच गए हैं। उनके साथी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन 10वें स्थान पर बने हुए हैं। जडेजा ऑलराउंडरों की सूची में तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। इस सूची में वेस्ट इंडीज के कप्तान जेसन होल्डर शीर्ष पर जबकि बांग्लादेश के शाकिब अल हसन दूसरे स्थान पर हैं।

टीम इंडिया की रैंकिंग पर भी संकट

भारत को वेस्टइंडीज से आगामी टेस्ट सीरीज में 0-1 से हारने पर अपनी नंबर एक रैंकिंग गंवानी पड़ सकती है। इससे भारत के अंकों की संख्या 108 हो जाएगी। इस परिणाम पर वेस्टइंडीज 88 अंकों के साथ पाकिस्तान से ऊपर सातवें स्थान पर पहुंच जाएगा। भारत अभी 113 अंक लेकर शीर्ष पर बना हुआ है। उसके बाद न्यूजीलैंड (111) और दक्षिण अफ्रीका (108) का नंबर आता है।

कोहली के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 11 साल

कूलिज (एंटीगा) - दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 11 साल पूरे करने पर कहा कि उन्होंने कभी इससे अधिक की उम्मीद नहीं की थी। कोहली ने अपने ट्विटर हैंडल पर दो तस्वीरों को साझा किया है। उन्होंने साथ में लिखा है कि 18 अगस्त, 2008 में एक किशोर के रूप में शुरुआत करने से लेकर 11 साल की यात्रा पूरी करने तक, मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि ईश्वर मुझ पर इतना मेहरबान होगा।