Friday, December 13, 2019 07:20 PM

वेस्ट मैनेजमेंट में आगे बढ़ना है तो प्रकृति से लगाव जरूरी

नए प्रोफेशन

इस क्षेत्र से जुड़कर आप अच्छा करियर बनाने के साथ ही पर्यावरण को साफ  रखने में भी योगदान कर सकते हैं। भारत में ई-वेस्ट की मात्रा तेजी से बढ़ी है और उसकी रीसाइक्लिंग के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। देश में तेजी से खुल रही वेस्ट ट्रीटमेंट एजेंसियों ने इस क्षेत्र में रोजगार के ढेरों अवसर निर्मित किए हैं। इस क्षेत्र से जुड़कर आप अच्छा करियर बनाने के साथ ही पर्यावरण को साफ रखने में भी योगदान कर सकते हैं। फैक्टरियों से निकलने वाले कूड़े-कर्कट और घर की बेकार चीजों को इधर-उधर फेंकने से पर्यावरण को भारी क्षति पहुंच रही है। पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए अपशिष्ट पदार्थों को रीसाइकल करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है, ताकि इन्हें पुनः किसी अन्य रूप में प्रयोग में लाया जा सके। वेस्ट मैनेजमेंट पर्यावरण प्रबंधन व संरक्षण का एक आधार स्तंभ है। इसके तहत पर्यावरण विज्ञान या पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कुछ प्रमुख क्षेत्रों में काम किया जा सकता है। फिलहाल भारत में घरेलू अपशिष्ट का केवल 30 प्रतिशत ही रीसाइकल करने की क्षमता है। इसमें ज्यादातर वेस्ट मेटीरियल इलेक्ट्रॉनिक तथा प्लास्टिक का होता है। अब तो वेस्ट मैनेजमेंट का चलन जोरों पर है। मुंबई का धारावी, उत्तर-प्रदेश का मुरादाबाद और दिल्ली का मुंडका इसके प्रमुख केंद्र हैं। देश में तेजी से खुल रही वेस्ट ट्रीटमेंट एजेंसियों ने इस क्षेत्र में रोजगार के ढेरों अवसर सृजित कर दिए हैं।

कई तरह के स्किल्स सिखाता है वेस्ट मैनेजमेंट

वेस्ट मैनेजमेंट न सिर्फ अपशिष्ट पदार्थों को दोबारा प्रयोग में लाने के बारे में जानकारी देता है, बल्कि प्रोफेशनल्स को उस फील्ड में स्थापित करने के लिए कई अन्य तरह की स्किल्स भी सिखाता है। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रकृति के प्रति लगाव होना बहुत जरूरी है। शुरू-शुरू में विद्यार्थियों को ये सारी चीजें अटपटी लगेंगी, लेकिन जैसे-जैसे उनका मन इसमें रमता जाएगा, वे इस प्रोफेशन का भरपूर मजा उठा सकेंगे।

वेस्ट मैनेजमेंट का पूरा कार्यक्षेत्र

 वेस्ट मैनेजमेंट एन्वायरनमेंटल साइंटिस्ट तथा उसके ईद-गिर्द घूमता है। पर्यावरण सुरक्षा संबंधी कार्य साइंस व इंजीनियरिंग के विभिन्न सिद्धांतों के प्रयोग से आगे बढ़ते हैं। वातावरण में व्याप्त प्रदूषण को दूर करने के लिए वैज्ञानिक कई प्रकार की रिसर्च, थ्योरी तथा विधियों को अपनाते हैं अर्थात वेस्ट मैनेजमेंट प्रक्रिया में एन्वायरनमेंटल साइंटिस्ट का कार्य रिसर्च ओरिएंटेड ही होता है। इसमें एडमिनिस्ट्रेटिव, एडवाइजरी तथा प्रोटेक्टिव तीनों स्तर पर काम करना होता है। वेस्ट मैनेजमेंट से संबंधित अलग से ज्यादा कोर्स देश में उपलब्ध नहीं हैं। वेस्ट मैनेजमेंट को ज्यादातर पर्यावरण विज्ञान के कोर्स में एक विषय के रूप में शामिल किया गया है।