वैज्ञानिक तकनीक को अपनाएं युवा

लोरीकल्चर में करियर संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने सर्वश्रेष्ठ पुष्पोत्पादक पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ पुष्पोत्पादक शिशु पटियाल से खास बातचीत की...

शिशु पटियाल,

वरिष्ठ पुष्पोत्पादक, पालमपुर

लोरीकल्चर में युवाओं के लिए क्या स्कोप है?

आज के दौर में जब नौकरियों का अभाव है और आम परिवार के युवाओं को बड़े काम के लिए धन की कमी आड़े आ रही है। फूलोत्पादन युवाओं के लिए वरदान बन सकता है बशर्ते इसे संजीदगी से अपनाया जाए।

इस क्षेत्र में रोजगार के लिए शैक्षणिक योग्यता क्या होती है?

कृषि एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें किताबी पढ़ाई कोई ज्यादा मायने नहीं रखती है। इतना जरूर है कि प्रशिक्षित युवक वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर अधिक लाभ ले सकते हैं। प्रदेश में ऐसे अनेक उदाहरण हैं जहां कम पढ़े-लिखे युवा भी फूलोत्पादन से अच्छी कमाई कर रहे हैं।

हिमाचल में प्रमुख शिक्षण संस्थान कौन से हैं, जहां इस से संबद्ध पाठ्यक्त्रम चलता है?

पुश्प उत्पादन की शिक्षा के लिए सबसे उपयुक्त संस्थान सोलन स्थित डा वाईएस परमार विवि है। जहां पर उच्च शिक्षा प्राप्त की जा सकती है। इस संस्थान से पढ़ कर निकल रहे युवा इस समय प्रदेश के बागबानी विभाग की रीढ़ की हड्डी हैं।

रोजगार के अवसर किन क्षेत्रों में उपलब्ध हैं?

स्वरोजागर के साथ विपणनन में अपार संभावनाएं हैं। इस समय मुख्य तौर पर उत्पादन पर ही ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

आरंभिक आय कितनी होती है या स्वरोजगार से कितनी आमदनी होती है?

यह व्यक्ति की मेहनत व लग्न पर निर्भर करता है। एक छोटी कृषि भूमि पर भी काम आरंभ करके इसका विस्तार किया जा सकता है। जिससे आय में बढ़ोतरी की संभावना बनती है। शुरुआती में आय कुछ कम हो सकती है, लेकिन समय के साथ इसमें इजाफा होता है।

युवाओं को इस करियर में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?

सबसे बड़ी चुनौति आरंभित वित्तिय पोषण की होती है। अच्छी फसल के लिए बीज लेना होता है। पोलीहाउस की भी आवश्यकता पड़ती है। जिसमें कम से कम दो लाख रुपए पूंजी लगती है। जिससे एक वर्ष में कम से कम तीन फसलें ली जा सकती हैं। मार्किटिंग की भी चुनौति सामने रहती है। इस समय दिल्ली ही सबसे बड़ी व नजदीक की मंडी है, लेकिन वहां पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। सरकार छोटे-छोटे नगरों में फूल मंडियों का गठन कर किसानों को प्रोत्साहित कर सकती है।

जो युवा इस  करियर को अपनाना चाहते हैं, उनके लिए कोई प्रेरणा संदेश दें।

यह काफी मेहनत का काम है। जितनी मेहनत की जाएगी उतना ही लाभ कमाया जा सकता है। युवा ईमानदारी से पुष्पोत्पादन को अपनाएं तो यह यह बेहतरीन स्वरोजगार बन सकता है।

फूलों के बारे में अन्य कोई जानकारी, जो आप पाठकों से साझा करना चाहें?

जो युवा इस क्षेत्र में आना चाहें वह पालमपुर स्थित आईएचबीटी संस्थान द्वारा समय-समय पर लगाए जाने वाले प्रशिक्षण शिविरों से लाभ ले सकते हैं। आज के समय में फूलों की मांग को देखते हुए इसका व्यवसाय काफी लाभकारी है। सरकार की तरफ  से अनुदान भी दिया जाता है जिसका लाभ युवा ले सकते हैं।                   - जयदीप रिहान, पालमपुर

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