Tuesday, January 21, 2020 11:24 AM

शरणार्थी और घुसपैठिए में अंतर

धूमल बोले, कांग्रेसी समझें नागरिकता संशोधन बिल की अहमियत

हमीरपुर - नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पारित हो चुका है। यह मोदी सरकार का तीसरा ऐतिहासिक फैसला है, जिसका भारतीय जनता पार्टी पर विश्वास रख सवा सौ करोड़ जनता इंतजार कर रही थी। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कही। उन्होंने कहा कि नागरिकता बिल देश की सुरक्षा को सशक्त बनाता है। कांग्रेस को इस बिल की अहमियत को समझना होगा कि यह बिल दूसरे देशों में रह रहे अल्पसंख्यकों के लिए है, जो उस देश में प्रताडि़त किए जा रहे हैं। श्री धूमल ने कहा कि पाकिस्तान में 1947 में 23 प्रतिशत अल्पसंख्यक थे, जो 2011 में 3.7 प्रतिशत रह गए। बांग्लादेश में 22 फीसदी अल्पसंख्यक थे, जो आज 1.8 प्रतिशत रह गए हैं। आखिर बाकी लोग कहां चले गए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पड़ोसी देशों के आंकड़ें अल्पसंख्यकों की हालत बताने के लिए काफी हैं। भारत में 9.8 प्रतिशत अल्पसंख्यक थे, जो आज 14.28 प्रतिशत हो गए हैं। इससे पता चलता है कि अल्पसंख्यक कहां खुश व सशक्त हैं। प्रो. धूमल ने कहा कि कुछ अल्पसंख्यक नेताओं की राजनीति सिर्फ अल्पसंख्यक जनता को भड़का कर अपनी रोटियां सेक रहे हैं। कुछ मुट्ठी भर लोग होते हैं, जो उनकी हां में हां मिलाते हैं, लेकिन ऐसी विचारधारा के लोगों को समझना होगा कि देश बदल रहा है। इस देश के लोग बदल रहे हैं, जिनकी विचारधारा देश के प्रति नहीं है, उनसे गुजारिश है कि वे अपने आप को बदलें। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकता बिल से भारत में रहने वाले किसी भी अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों का कोई लेना-देना नहीं हैं। वह देश के नागरिक हैं और हमेशा रहेंगे। कांग्रेस पार्टी को समझना होगा कि शरणार्थी और घुसपैठिए में क्या फर्क होता है।