Friday, December 06, 2019 10:00 PM

शहर में डोर टू-डोर गारबेज कलेक्शन योजना नहीं चढ़ी सिरे

सोलन -नगर परिषद सोलन द्वारा शहर में सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन यह प्रयास धरातल पर खरे नहीं उतर रहे हैं। डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन योजना में मिल रही लगातार शिकायतों के बीच नप द्वारा शहर के वार्डों में जगह-जगह सफाई व्यवस्था को लेकर बोर्ड भी स्थापित किए गए हैं। इन बोर्डों पर नप अध्यक्ष, ईओ, पार्षद व सफाई निरीक्षक सहित संबंधित एरिया के सफाई कर्मचारियों के मोबाइल नंबर अंकित किए गए हैं। इसका उद्देश्य इस योजना में आ रही किसी भी प्रकार की कमी को लेकर पारदर्शिता बरतना और उनकी जवाबदेही तय करना है। बावजूद इसके योजना शहर में कथित रूप से फेल होती ही नजर आ रही है। आलम यह है कि शहर के गली-मोहल्लों में सरेआम कूड़े के ढेर बिखरे रहते हैं, जिस पर कुत्ते व अन्य जानवर मुंह मारते रहते हैं। इन कूड़े के ढेरों को समय रहते उठाया नहीं जा रहा है, जिससे शहर की सुंदरता को ग्रहण लग रहा है और बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है। लोगों का कहना है कि नप की योजना सिरे नहीं  चढ़ पा रही है और नप अधिकारियों को इस बारे में कड़े कदम उठाने चाहिए। गौर रहे कि नप सोलन द्वारा शहर को डस्टबिन फ्री बनाने के उद्देश्य को लेकर करीब दस माह पूर्व शहर में डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन योजना आरंभ की गई थी। योजना के तहत प्रत्येक घर व दुकान सहित अन्य व्यावसायिक संस्थानों से कूड़ा एकत्र किया जाता है और इसके लिए शहरवासियों को शुल्क भी अदा करना पड़ रहा है। लेकिन कभी कर्मचारियों की कमी तो कभी अन्य दिक्कतों के चलते यह योजना आरंभ से ही विवादों में रही है।  इस बोर्ड में उनके नाम व मोबाइल नंबर भी अंकित किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की शिकायत पर तुरंत संपर्क किया जा सके। इन बोर्डों के स्थापित होने के बाद भी योजना का क्रियान्वयन सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है और शहर के कई इलाकों में अकसर कूड़े के ढेर देखे जा सकते हैं। स्थानीय निवासियों अमित कुमार, लाल चंद, विजय कुमार, देवेंद्र कुमार, मीरा देवी, कमला देवी, राधा, मोहन लाल आदि का कहना है कि वे शुल्क अदा कर रहे हैं, इसके बाद भी उनके घरों से समय पर कूड़ा नहीं उठ रहा है। इसको लेकर नप अधिकारियों को उचित व कड़े कदम उठाने चाहिएं।