Tuesday, June 02, 2020 11:56 AM

शहीद के परिजनों को सवा 11 लाख का चेक

भराड़ी-बीते चार अप्रैल को घुमारवीं उपमंडल के देहरा गांव में फोर पैरामिलिट्री के जवान संजीव कुमार आतंकवादी मुठभेड़ में कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में शहीद हो गए थे। इस मुठभेड़ में शहीद संजीव के साथ चार और जवान भी शहीद हुए थे। बुधवार को एनएसजी द्वारा उनके परिवारजनों को एनएसजी कैप्टेन गधर्बन तिवारी व उनके सहयोगियों द्वारा शहीद की पत्नी सुजाता, बेटे तनिष्क, माता कमला देवी व पिता ज्ञान चंद को 11 लाख 20 हजार का एक चेक सौंपा गया व उनके परिवारजनों को ढांढस भी दिया। उनके इस बलिदान को उन्होंने देश में एक सम्मान बताया। संजीव कुमार के पिता ज्ञान चंद ने बताया कि संजीव को शुरू से ही सेना में जाने जा शौक था। इसी शौक के चलते 27 अप्रैल 1996 को संजीव कुमार सेना में भर्ती हुआ था। कड़ी मेहनत व लग्न से  संजीव कुमार एनएसजी कमांडो फोर्स में  2015 से 2019 तक स्पेशल कमांडो के तौर पर भी अपनी सेवाएं दी। देहरा गांव के लोगों ने बताया कि जब भी संजीव गांव में आते तो युवाओं को भी देश भाव में देश की सेवा करने की प्रेरणा देते थे। उनकी इसी देश प्रेम और देश के लिए शहादत देने के लिए एनएसजी द्वारा उनके परिवारजनों को एनएसजी कैप्टेन गधर्बन तिवारी व उनके सहयोगियों द्वारा उनकी पत्नी सुजाता, बेटे तनिष्क, माता कमला देवी व पिता ज्ञान चंद को 11 लाख 20 हजार का एक चेक सौंपा गया व उनके परिवारजनों को ढांढस भी दिया। इस मौके पर उनके साथ कर्नल पीएस अत्री  सेना मेडल डिप्टी डायरेक्टर सैनिक वेलफेयर बिलसपुर ने इस अवसर पर कहा कि संजीव कुमार का बलिदान देश के लिए हुआ है और उन्होंने माता-पिता को ऐसी संतान जो देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने से पीछे नही हटी उनको भी कोटि कोटि धन्यवाद किया। इस अवसर पर पंचायत प्रधान हटवाड़ पंचायत प्रोमिला व उपप्रधान यशवंत आदि उपस्थित रहे।

बेटे को बचपन से ही था सेना का शौक

संजीव कुमार के पिता ज्ञान चंद ने बताया कि संजीव को शुरू से ही सेना में जाने जा शौक था। इसी शौक के चलते 27 अप्रैल 1996 को संजीव कुमार सेना में भर्ती हुआ था। कड़ी मेहनत व लग्न से  संजीव कुमार एनएसजी कमांडो फोर्स में  2015 से 2019 तक स्पेशल कमांडो के तौर पर भी अपनी सेवाएं दी।