Monday, September 16, 2019 08:29 PM

शांता कुमार के मुख से मधुशाला की मिठास

राजपुर में साहित्यिक गोष्ठी में छंदों का गायन कर लूटी वाहवाही

पालमपुर -रचना साहित्य, कला मंच एवं हिमाचल कला व संस्कृति अकादमी के सौजन्य से हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध साहित्यकार रहे डा. प्रेम भारद्वाज के व्यक्तित्व और कृतित्व पर राजपुर में साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व सीएम शांता कुमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।  डा. प्रेम भारद्वाज के व्यक्तित्व और कृतित्व पर पवनेंद्र पवन ने शोध आलेख प्रस्तुत किया। शोध आलेख पर चर्चा करते हुए डा. गौतम व्यथित ने कहा कि प्रेम भारद्वाज ने जैसा जीवन में यथार्थ अनुभव किया, उसी को अपनी रचनाओं में अभिव्यक्ति दी है। पीसी के प्रेम ने उनके रचनाकर्म के साथ-साथ प्रशासनिक पकड़ पर भी बात की। सरोज परमार ने उनके द्वारा पहाड़ी मुहावरे की बात की। वहीं, विजय कुमार पुरी ने उनके पहाड़ी भाषा में रचित रचनाओं में व्यक्त स्थानीय शब्दों और परंपराओं के प्रयोग सभी के सामने साझा किए। चर्चा परिचर्चा के बाद दूसरे सत्र में कवि गोष्ठी की गई, जिसमें बालकवि के रूप में अनन्या, पूनम, अनिकेत , डा. आशुतोष गुलेरी, सुदर्शन भाटिया,  अक्षय कुमार, हरीश, अर्जुन कन्नौजिया, हिना चन्नौरिया, डा. सुदर्शना, ममता सूद, सुदेश दीक्षित,  डा. आशु फुल्ल, सुमन शेखर, डोलमा भारद्वाज व  अरविंद ठाकुर आदि ने अपनी प्रस्तुतियां देकर खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहीं संतोष शैलजा ने क्षेत्र में हो रहे इस तरह के आयोजनों को खूब सराहा। वहीं, मुख्यातिथि शांता कुमार ने अपने उद्बोधन में सभी वरिष्ठ, युवा और बालकवियों को बधाई देते हुए कहा कि आज आपकी कविताओं से अतिरेक आनंदानुभूति हुई। मैं आज सुनाने नहीं बल्कि आप सभी की रचनाओं को सुनने आया हूं। विविधता भरी इस गोष्ठी में सभी साहित्यकारों के निवेदन को स्वीकारते हुए उन्होंने हरिवंशराय बच्चन की मधुशाला के कुछ छंदों का गायन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि शांता कुमार ने डा. सुशील कुमार फुल्ल द्वारा लिखित प्रेरक पुस्तक  युगपुरु, डा. केशव बलिराम हेडगेवार और अर्जुन कन्नौजिया द्वारा लिखित काव्य संग्रह  परिक्त्रमा का विमोचन भी किया और उन्हें बधाई दी। अंत में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डा. सुशील फुल्ल ने आए हुए सभी अतिथियों और रचनाकारों का व हिमाचल कला एवं संस्कृति अकादमी के सहयोग के लिए धन्यवाद किया।