Friday, December 13, 2019 07:18 PM

शिमला नेचर पार्क निर्माण की खुली जांच

 सीएम क्वालिटी कंट्रोल सैल ने तलब की रिपोर्ट, विधानसभा में भी उठ चुका है मामला

शिमला राजधानी के कनलोग में स्थापित नेचर पार्क की जांच खुल गई है। सीएम क्वालिटी कंट्रोल सैल को मिली शिकायत के बाद कंट्रोल विंग की टीम ने जांच खोल दी है। हालांकि इस मसले पर कई बार विधानसभा सदन में भी सवाल उठ चुके हैं, लेकिन बार-बार शिकायत आने के बाद सीएम क्वालिटी कंट्रोल सैल की टीम ने जांच शुरू कर दी। कनलोग बाई-पास में 4.12 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए गए इस नेचर पार्क की गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायत के बाद मुख्यमंत्री गुणवत्ता नियंत्रण दल ने पार्क के निर्माण कार्य पर जांच बिठाई है। जांच के दौरान दल स्पॉट वीजिट कर इस पार्क के निर्माण में बरती गई अनियमितताओं की जांच करेगा। इस दौरान देखा जाएगा कि वन विभाग ने तय योजना के तहत इस पर काम किया है या नहीं। पार्क के निर्माण की जांच स्पॉट पर जा कर और  दस्तावेजों का रिकार्ड खंगाल कर की जाएगी। जांच दल निरीक्षण के दौरान कागजों में की गई कार्रवाई को स्पॉट पर जा कर चैक करेंगे। इस दौरान देखा जाएगा कि विभाग ने पार्क बनाने के लिए क्या टेंडर की प्रक्रिया को अपनाया है या नहीं, पार्क के निर्माण के दौरान निर्माण सामग्री के रेट चैक कर के खरीदी गई है या नहीं आदि कई चीजों का रिकार्ड खंगाला जाएगा। बताया गया कि निर्माण में अनियमित्ताओं को लेकर पूरी रिपोर्ट सीएम क्वालिटी कंट्रोल सैल ने तलब कर दी है।

जांच दल दस दिन में सौंपेगा रिपोर्ट

गुणवत्ता नियंत्रण दल सरकार को अपनी जांच रिपोर्ट दस दिन के भीतर सौंपेगी। इस दौरान पार्क के निर्माण से संबंधित उन सभी तथ्योें और पहलुओं को सामने लाया जाएगाए जो इस पार्क के निर्माण के दौरान अमल में लाई गई है। इस पार्क के निर्माण को लेकर वन विभाग को एक शिकायत प्राप्त हुई थी। वन विभाग ने यह शिकायत आगे मुख्यमंत्री गुणवत्ता नियंत्रण दल को सौंप दी। शिकायत पत्र में लिखा गया था कि पार्क के निर्माण पर विभाग ने जितना पैसा खर्च किया है उस हिसाब से इस पार्क का निर्माण नहीं हुआ है। शिकायत पत्र में पार्क के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए है। इसे जांचने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण दल क्षेत्र का दौरा कर सच्चाई का पता लगा की अपनी िरपोर्ट तैयार करेगा।