Sunday, November 17, 2019 03:40 PM

शिमला में खोजी टेंशन भगाने की तरकीब

शिमला  - विश्व मानसिक दिवस पर शिमला के कई क्षेत्रों में जागरूक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश की रेड क्र ास सोसायटी क ी ओर से मुख्य सचिव की धर्मपत्नी उमा बाल्दी ने शिमला में मानसिक रोग अस्पताल तथा पुनर्वास बालूगंज मेें मरीज़ों को मिठाइयां बांटी। इस मौके पर वरिष्ठ चिकित्सका अधिक्षक डॉ संजय पाठक ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य में आत्महत्या जैसे कदम नहीं उठाने के प्रति जनता को जागरूक होना जरूरी है। वहीं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग जिला शिमला द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला में विश्व मानसिक स्वास्थ्य जागरुकता दिवस का आयोजन किया गया । यह जानकारी देते हुए जिला मुख्या चिकित्सा अधिकारी डा. जितेंद्र चौहान ने बताया कि समुचे जिला भर में विभिन्न प्रकार की जागरुकता गतिविधयां की जा रही है। दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल की क्लिनिकल साइकोलाजिस्ट डॉ दीपा राठौर ने मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए बताया कि अच्छा मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति को उसकी पूर्ण क्षमता से, जीवन के सामान्य मनाव से सामना करने, उपयोगी रुप से काम करने और उसके समुदाय में योगदान देने में सक्षम बनाता है। मानसिक बिमारी का बोझ बढ रहा है, वैश्विक स्तर पर चार लोगों में से एक को उनके जीवन के किसी न किसी मुकाम पर एक मानसिक स्वास्थ्य समस्या का अनुभव करना पडता, मानसिक स्वास्थ्य को सम्रग स्वास्थ्य के मुख्य पहलुओं में उपेक्षित किया जाता है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य संघ द्धारा 10 अक्तूबर, 1992 से प्रत्येक वर्ष मानसिक स्वास्थ्य दिवस को आयोजित करने का निर्णय लिया गया। उन्होनें यह जानकारी देते हुए बताया कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग जिला शिमला त्ररा आयोजित भाषण प्रतियोगिता में अपने संबोधन दौरान बताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य आज के दिवस का विषय है और चिंता का त्याग कर चिन्तन से हम मानसिक तनाव को कम कर सकते हैं तथा अवसाद से बचने के लिए अपने विचारों को परिवार और दोस्तों से साझा करें, नियमित रूप से सार्थक और मनोरंजन गतिविधियों में शामिल होकर मानसिक तनावपूर्ण और नशीले पदाथों से बचें। जब भी आप ऐसी दुविधा में हों तो डॉक्टर या मनोचिकित्सक से परामर्श लें।

इन्हें मिले पुरस्कार

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भाषण प्रतियोगिता में वंशिका ने प्रथम स्थान तथा शबनव राणा, द्धितीय  और आंचल तृतीय स्थान पर रही। विजेताओं सहित सभी प्रतिभागियों को विभाग द्धारा नकत पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर 200 विधार्थीयों ने भाग लिया। इसके साथ-साथ जिला कार्यक्त्रम अधिकारी डा0 ईशा ठाकुर ने वैश्विक तौर पर तम्बाकू उपयोग के दुष्परिणाम के प्रति  जागरुकता किया। उन्होने जानकारी देते हुए बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना अपराध है। शिक्षा सस्ंथान के 100 गज के दायरे में तम्बाकू उत्पाद बेचना अपराध है। वर्ष 2013 में हिमाचल प्रदेश को तम्बाकू मुक्त प्रदेश घोषित किया गया है, प्रदेश में गुटखा,खैनी इत्यादी बेचने पर प्रतिबंध है। इस दिवस पर स्कूल के प्रधानाचार्य श्रीमति मीरा शर्मा, मचं सचांलन  श्रीमति सरिता कश्यप, अध्यापक, अध्यापिकाएं, तथा जिला कार्यक्त्रम अधिकारी डा0 ईशा ठाकुर, डा0 दीपा राठौर, स्वास्थ्य शिक्षक प्रेम लाल आजाद,सजंना दफराईक  व राजेश नेगी,जीत राम तथा अन्य कर्मचारी एवं अधिकारी उपस्थ्ति रहे ।