Wednesday, July 17, 2019 07:30 PM

शिमला में गहराने लगा जल संकट

शिमला—शिमला में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। पेयजल परियोजनाओं में गाद आने से शहर को कम पानी मिल रहा है। परियोजनाओंं से कम पानी मिलने से शहर का पेयजल डिस्ट्रीब्यूशन शेडयूल पटरी से उतरने लगा है। राजधानी शिमला में पिछले एक साल से लगातार पेयजल किल्लत नहीं हुई थी। शहर को पेयजल परियोजनाओंं से रोजाना 50 एमएलडी से अधिक पानी मिल रहा था, मगर शिमला में मानसून के  दौरान पेयजल किल्लत गहराने लगी है। शिमला में मानसून शुरू होते ही पेयजल योजनाओं में गाद भरने से यह संकट सामने आ गया है। पेयजल परियोजनाओं से शहर को केवल 35 एमएलडी पानी मिल रहा है। शहर की प्रमुख पेयजल परियोजना गिरी योजना में गाद आने से यह समस्या पेश आई है। बुधवार को भी गिरी पेयजल परियोजना में गाद की समस्या रही। बीते मंगलवार को गिरी में गाद की समस्या रही थी। शहर को कम पानी मिलने से बुधवार को राजधानी के 16 स्थानों पर पानी की सप्लाई नहीं हुई। शहर एचबी कालोनी संजौली, इंजनघर, शांगटी, कनोग, चक्कर, अप्पर कामनादेवी, टूटीकंडी, बालूगंज, फिंगास्क और स्टीफंड एस्टेट एरिया में पानी की सप्लाई नहीं हुई। शिमला जल प्रबंधन निगम से मिली जानकारी के मुताबिक जिन क्षेत्रों में बुधवार को पानी नहीं आया वहां गुरुवार को सप्लाई दी जाएगी। बताया जा रहा कि गिरी पंप हाउस में गाद भरने के कारण यह दिक्कत पेश आई। वहीं गुम्मा में भी सभी पंप नहीं चल पा रहे हैं।

आज करेंगे गिरि प्रोजेक्ट का निरीक्षण

नगर निगम महापौर की अध्यक्षता में शिमला शहर में समुचित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के दृष्टिगत बैठक आयोजित की गई। इसमें पंकज राय, आयुक्त, धमेंद्र गिल, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, विजय गुप्ता, अतिः महा प्रबंधक, जलापूर्ति मंडल व गोपाल कृष्ण, अतिः महाप्रबंधक, सीवरेज मंडल, शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड शिमला, उपस्थित हुए। इस बैठक में विशेषतौर पर गिरि नदी में गाद बारे चर्चा हुई जिस पर प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, शिमला जल प्रबंधन द्वारा अवगत करवाया गया कि पेयजल स्त्रोत में पानी समुचित मात्रा में उपलब्ध है। मगर इस स्त्रोत के कैचमेंट क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण और वहां के लोगों द्वारा अपने प्लॉट में खुदाई से निकले मलबे को उक्त नदी की ऊपरी ढलान पर डाला गया है जिसकी मिट्टी भारी बारिश से पेयजल स्त्रोतों में आ रही है जिससे पानी बहुत अधिक मटमैला हो रहा है और इस पानी के निस्तांतरण के लिए इस स्त्रोत में स्थापित संयंत्र द्वारा साफ करना मुश्किल हो रहा है साथ ही पानी को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कीटाणुरहित करने में भी भारी कठिनाई हो रही है, परिणामस्वरूप शहर के लिए इस स्त्रोत से समुचित मात्रा में पेयजल की पंपिग करने में मुश्किलें हो रही हैं। इस उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए महापौर ने संबधित विभागों के जिलाधीश के माध्यम से कैचमेंट में अनाधिकृत डंपिंग को रोकने के लिए आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाने का आग्रह करने का निर्णय लिया गया तथा शिमला शहर में सुनियोजित व समुचित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अतिः महाप्रबंधक, जलापूर्ति, जल वितरण समय सारिणी का पुनः निर्धारण कर रोजाना इसकी व्यक्तिगत तौर पर निगरानी करने के निर्देश दिए गए। जब तक कि इस उत्पन्न स्थिति में सुधार नहीं हो जाता है। इसके साथ ही महापौर द्वारा आयुक्त नगर निगम शिमला व प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड के साथ गुरूवार को गिरि पेयजल स्त्रोत का स्वयं निरीक्षण करने का निर्णय भी लिया गया।

आज इन क्षेत्रों में नहीं आएगा पानी

विकासनगर, कंगनाधार, छोटा शिमला, बीसीएस, निगम बिहार, चारली विला, खलीनी, झंझीड़ी, अनाडेल, नाभा, फागली, रामनगर, टुटू, समरहिल, चौड़ा मैदान, विंटरफील्ड, नवबहार, ढींगूधार, ढली-टनल, फिंगास्क, बेमलोई, एचबी कालौनी जाखू, क्लस्टन, भराड़ी, लक्कड़ बाजार।