Monday, April 06, 2020 06:40 PM

शिलाई के विकास पर खर्च होंगे 24 लाख

शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप ने जारी की दूसरी किस्त

नाहन - शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप  ने एक साल से भी कम के कार्यकाल में शिलाई विधानसभा क्षेत्र को लाखों रुपए दिया है। शेष बची घोषणाओं की दूसरी कि़स्त  भी बहुत जल्द मिलने वाली है। उन्होंने शिलाई विधानसभा क्षेत्र  की विभिन्न पंचायतों के विकासात्मक कार्यों के लिए लगभग 24 लाख रुपए भेज दिया है। यह बात भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता व सिविल कारपोरेशन के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर व शिलाई भाजपा मंडल के मीडिया प्रभारी कुलदीप शर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि सांसद सुरेश कश्यप ने पहली ही किस्त में शिलाई विधानसभा क्षेत्र को लगभग 24 लाख रुपए दिए हैं, जिसमें खेल मैदान ग्राम पंचायत रास्त के लिए पांच लाख रुपए, सामुदायिक भवन ग्राम पंचायत बादली के उपरा बादली के लिए तीन लाख रुपए, सामुदायिक भवन ग्राम पंचायत शखोली  के गांव खड़कांह के लिए तीन लाख रुपए, सामुदायिक भवन  ग्राम पंचायत नाया पंजोड के गांव कफेनु के लिए दो लाख रुपए, सामुदायिक भवन ग्राम पंचायत  शावगा के गांव शमाह के लिए तीन लाख रुपए व सामुदायिक भवन गांव छितली के लिए तीन लाख रुपए, ग्राम पंचायत ठोठा जाखल के गांव ठोठा के सामुदायक भवन के लिए तीन लाख रुपए, सामुदायक भवन ग्राम पंचायत जामना के गांव रअंगुवा के लिए दो लाख रुपए की धनराशि दी है। भाजपा नेता बलदेव तोमर ने बताया कि जनवरी में एकदिवसीय दौरे के दौरान सांसद सुरेश कश्यप ने 10 लाख रुपए सामुदायिक भवन सतौन के लिए ग्राम पंचायत पोका के गांव कोटगा व पोका के लिए तीन लाख रुपए व कांडों भटनोल पंचायत के गांव कांडों में समुदायिक भवन के लिए पांच लाख रुपए देने की घोषणा की है।  जल्द ही इसके लिए धनराशि दी जाएगी। 22 फरवरी को शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद  सुरेश कश्यप  शिलाई के एकदिवसीय दौरे पर आ रहे है। कुलदीप शर्मा ने कहा कि वह गिरनौल में महाशिवरात्रि पर्व के पवन अवसर पर उपस्थित रहेंगे। उनके साथ शिलाई के पूर्व विधायक श्री बलदेब तोमर  भी मुख्यातिथि होंगे। भाजपा जिला उपाध्यक्ष कुलदीप राणा विशेष अतिथि होंगे। सांसद के शिलाई विधानसभा क्षेत्र के  दौरे  से लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। उनके द्वारा लाखों करोड़ों रुपए विभिन्न विकासात्मक कार्यों के लिए देना, उनका इस क्षेत्र के प्रति विशेष स्नेह और प्यार को दर्शाता है। जिस प्रकार से वह हमारे गिरिपार क्षेत्र के लोगों को उनका हक दिलाने के लिए चिंतित हैं और हमारी इस मांग को संसद में उठा रहे हैं, उसके लिए भी हम उनके बहुत-बहुत आभारी हैं।