Monday, October 21, 2019 09:06 AM

शिवपुर में जमीन को छू रही बिजली की तारें

नौहराधार —बिजली बोर्ड की लचर कार्यप्रणाली के चलते लोगों की जान के लिए आफत बन गई है । जिला सिरमौर के दुर्गम क्षेत्र व विद्युत उपमंडल चाड़ना के तहत शिवपुर पंचायत के सैकडों लोगों की जान के लिए बोर्ड की लापरवाही सामने आई है । यहां पर बिजली के तारें जमीन में छुती हुई देखी जा सकती है। बुधवार देर शाम को चेतराम के एक बेजुबान बेल करंट की चपेट में आ गया जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि बिजली की तारंे जमीन से दो से तीन फुट की ऊंचाई पर एक पतले डंडे में लटकाई गई है। मगर विभाग ने इसे दुरुस्त करने का कोई प्रयास नही किया हैं ।  यहां से हर रोज लोग गुजरते है स्कूली बच्चे इसी रास्ते से स्कूल व घर आते-जाते है । गनीमत यह है कि आज तक कोई भी बच्चा या कोई व्यक्ति करंट की चपेट में नहीं आया है । नए खंभे लगाने की बजाए बोर्ड के कर्मचारियों ने बिजली की तारों को एक लकड़ी के डंडे में बांधा है । खंभों के लचकने से बिजली की तारें कहीं खेतों में तो कहीं घासनियों में लहराती हुई बिछी है । उपर से आजकल बरसात का मौसम है आजकल बरसात में करंट लगने का ज्यादा खतरा बना रहता है । ग्रामीण चेतराम, विजेंद्र ठाकुर,अशोक आश, विजय सिंह, हरिचंद व चंदन सिंह आदि ने बताया कि घासनियों व रास्ते में कई स्थानों पर तारंे जमीन को छु रही है जिस कारण वह अपने पशुओं को चारा लाने व पशुओं को बाहर चारा चुगने नहीं लगा पा रहे है । ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें अपने बच्चों को स्कूल भेजने व वापस लाने के लिए खुद स्कूल जाना पड़ता है । क्योंकि जहां पर यह तारे टंगी है, उधर से स्कूल जाने व पंचायत भवन जाने का रास्ता शॉटकट है । हम लोगों ने विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों को इस बारे में अवगत कराया है कि हमारी क्षतिग्रस्त हुई लाइन को बदला जाए व यहां पर लोहे के पोल खड़े किए जाए । बता दें कि विभागीय लापरवाही से दुर्गम क्षेत्र के कई गांव में लकडि़यों के पोल है जिसमें बिजली की तारें लटकी हुई है कई खेतों में तो कई घरों के साथ लटकी हुई है। जहां पर ग्रामीण अपनी फसलों को भी नहीं उगा पाते है न ही घास की कटाई कर सकते है । उधर, कनिष्ठ अभियंता कपिल ने बताया कि वहां के लिए पोल ले जाया जा रहा है । बारिश व मौसम खराब होने के कारण पोल लगाने में दिक्कतें आ रही है। एक दो दिन में पोल लगा दिया जाएगा जहां तारें लटकी हुई है दुरुस्त की जा रही है।