Monday, June 01, 2020 01:58 AM

श्रम कानूनों में बदलाव से खफा ट्रेड यूनियन

चंबा-केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने शुक्रवार को श्रम कानूनों में बदलाव के विरोध में उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। प्रतिनिधिमंडल की अगवाई इंटक के अध्यक्ष हितेंद्र पठानियां ने की। इस प्रतिनिधिमंडल में इंटक, एटक व सीटू आदि संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस मौके पर ट्रेड यूनियन के संयोजक डा. कश्मीर ठाकुर ने बताया कि केंद्र सरकार पहले से ही उद्योगपतियों को मुनाफा पहुंचाने के लिए श्रम कानूनों में बदलाव कर रही है। इसका सीटू और अन्य मजदूर यूनियन विरोध कर रहे थे। अभी केंद्र सरकार राज्य सरकारों के माध्यम से लाकडाउन का बहाना लेकर इन्हें लागू करवा रही है। अन्य राज्यों विशेषकर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों ने कार्यदिवस के समय 8 से 12 घंटे का निर्णय लिया है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी कार्य दिवस के समय में बदलाव करके 8 से 12 घंटे का कार्य दिवस करने की नोटिफिकेशन जारी कर दी है। इसका ट्रेड यूनियन कड़ा विरोध करती है। सरकार ने कार्य दिवस 12 घंटे का कर दिया। मगर वेतनमान 8 घंटे का ही होगा। सरकार मजदूरों का शोषण करवाकर पूंजीपतियों को मुनाफा देना चाहती है। सरकार के इस फैसले से बड़े पैमाने पर छंटनी होगी और भारी संख्या में लोग बेरोजगार होंगे। आज के समय मे कोरोना महामारी के चलते पहले ही मजदूर संकट में हैं। इस दौरान 14 करोड लोगों की नौकरी चली गई है। मजदूरों को पूंजीपतियों द्धारा दो माह से वेतन तक नहीं दिया गया है। कारखानों में मजदूरों की छंटनी हो रही है। ऊपर से सरकार के इस फैसले ने उनकी और परेशानी बढ़ा दी है। इसके साथ ही सरकार कोरोना के खिलाफ लड़ रहे योद्धाओं के स्वास्थ्य संबधित पुख्ता इंतजाम करे। सभी कर्मियों के लिए 50 लाख का बीमा कवर दे। इसमें आशा वर्कर और आंगनबाड़ी वर्कर को भी शामिल किया जाए। इस मौके पर एटक के टीआर भारद्वाज व सीटू की महासचिव सुदेश ठाकुर भी शामिल रहीं।