Sunday, September 22, 2019 07:08 AM

संस्कृत कालेज की नई बिल्डिंग को अभी इंतजार

शिमला -शिमला के फागली संस्कृत कालेज के लिए अभी छात्रों को और इतंजार करना पड़ सकता है। कालेज के भवन के निर्माण में अभी और समय लग सकता है। संस्कृत कालेज का अपना भवन न होने से छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि शिमला में एकमात्र सरकारी संस्कृत कालेज होने के नाते संस्कृत विषय में पढ़ाई करने वाले अधिकतर छात्र यहां पढ़ने आते हंै, लेकिन कालेज में मूलभूत सुविधा के अभाव के साथ-साथ, कक्षाएं लगाने के लिए भी काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।  ऐसे में छात्रों को नई भवन के बनने का बेसब्री से इंतजार है। गौर हो कि कालेज की नई इमारत का कार्य शुरू हुए लगभग डेढ़ साल से अधिक होने को है, लेकिन अभी तक कार्य पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कालेज की पुरानी इमारत में छात्रों को आधुनिक सुविधाओं का अभाव है। कालेज में छात्रों को आ रही दिक्कतों को देखते हुए इस भवन को जल्द से जल्द शुरू किया जाना था, लेकिन अभी तक भवन का कार्य पूरा नहीं किया गया है। यही कारण है कि इस सत्र में कालेज में कम छात्रों ने प्रवेश लिया है। इसी कारण कालेज में छात्रों की संख्या 110 के करीब रह गई है। आठ करोड़ की लागत से बन रहे भवन में उम्मीद जताई जा रही है कि छात्रों को मूलभूत सुविधा दी जाएगी। भवन के बन जाने पर यह प्रदेश के बेहतरीन और हर तरह की सुविधा से लैस कालेजों में शुमार हो जाएगा। कई दशकों से किराए के भवन में चल रहे संस्कृत कालेज को अपना भवन मिल जाएगा, जिससे कालेज में कक्षाएं बिठाने के लिए पेश आने वाली समस्या हल होगी। साथ ही इसी भवन में प्राचार्य कार्यालय सभागार व मल्टीपर्पज हाल आदि की सुविधा होगी। इसमें सभागार, करीब 15 क्लास रूम और कार्यालय आदि का जरूरत के मुताबिक निर्माण किया जाना है। जून 2016 में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस कालेज भवन की आधारशिला रखी थी। उस समय भवन निर्माण का यह प्रोजेक्ट पांच करोड़ का था, जिसमें बाद में नक्शे को संशोधित कर लिफ्ट समेत जरूरत के मुताबिक अन्य सुविधाएं जोड़े जाने पर इस प्रोजेक्ट को आठ करोड़ का कर दिया गया। वर्तमान में संस्कृत कालेज में अपना भवन न होने के कारण नगर निगम के किराए के भवन में चलाया जा रहा है। यहां रूसा लागू होने के बाद से कई विषयों की कक्षाएं चलाने के लिए कमरे तक पूरे नहीं पड़ रहे हैं। नगर निगम के इस तीन मंजिला भवन की हालत भी खस्ता है।