Saturday, November 17, 2018 12:32 AM

सचिवालय में लटकी प्रोमोशन की फाइल

शिमला— हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों को भरने का दावा सही साबित नहीं हो पा रहा है। प्रारंभिक व उच्च शिक्षा विभाग में अभी भी शिक्षकों की प्रोमोशन के कई मामले मंत्री लेवल तक ही रुके हुए हैं। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग से एक माह पहले भेजी गई मुख्याध्यापकों और पीजीटी शिक्षकों की प्रोमोशन की फाइल सचिवालय में लटकी पड़ी है। विभाग ने 124 हैडमास्टर और 486 पीजीटी शिक्षकों की प्रोमोशन को लेकर सरकार को प्रोपोजल भेजा है। बताया जा रहा है कि एक माह पूर्व भेजे गए इस प्रोपोजल पर सरकार की ओर से कोई भी रिवर्ट अभी तक नहीं आया है। बता दें कि एक ओर सरकारी स्कूलों में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षकों के खाली पदों को सबसे पहले भरने की तवज्जो का दावा किया गया था, वहीं अब शिक्षकों की भर्ती को लेकर भेजी जा रही फाइल जल्द  साइन न होने की वजह से खाली पदों को भरने में परेशानी खड़ा कर रही है। बता दें कि राज्य के सरकारी स्कूलों में मौजूदा समय में 120 हैडमास्टरों के पद खाली पड़े हैं। वहीं कुछ एक ऐसे स्कूल भी हैं, जहां पर एक दो माह के भीतर प्रिंसीपल रिटायर होंगे। जमा एक और जमा दो के स्कूलों में हजारों पीजीटी के पद भी खाली पड़े हैं। यही वजह है कि शिक्षा विभाग ने पीजीटी के 486 पदों को भरने और हैडमास्टरों के 124 पदों को प्रोमोशन के आधार पर भरने के लिए प्रोपोजल सरकार को भेजा था। जानकारी के अनुसार तीन से चार हजार शिक्षकों की जरूरत तब भी स्कूलों में रहेगी, ऐसे में जरूरत है कि शिक्षा विभाग में हर वर्ग से शिक्षकों की भर्ती की जाए। जानकारी के अनुसार दसवीं से लेकर जमा दो तक के स्कूलों में विषय वाइज खाली पड़े शिक्षकों की सूची भी तैयार की जा रही है। जानकारी के अनुसार जिलों से कक्षा आठवीं से जमा दो तक के सभी स्कूलों से विषय वाइज ब्यौरा मांगा गया है। विभाग ने जिला उपनिदेशकों को कहा है कि जिन विषयों में शिक्षकों की कमी ज्यादा है, उनकी अलग से सूची बनाई जाए। बता दें कि राज्य में अभी भी दस हजार से ज्यादा शिक्षकों के पद विभिन्न विषयों और वर्गों में खाली पड़े हुए हैं। हालांकि प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में जेबीटी और टीजीटी के पदों की नियमित भर्र्तियों की कवायद तेज हो गई है। हर जिले में जेबीटी शिक्षकों की नियुक्तियां की जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार प्राथमिक लेवल पर तो शिक्षकों के पदों को भरा जा रहा है, लेकिन पीजीटी शिक्षकों के पदों को भरने में हो रही देरी से कई ऐसे अहम विषय है, जिन विषयों में छात्र पिछड़ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सरकारी स्कूलों में दस व पंद्रह सालों से सेवाएं देने वाले पीजीटी और टीजीटी शिक्षक भी प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं।