Tuesday, March 31, 2020 08:15 PM

सच्चे मन से मांगी दुआ नहीं जाती खाली

रैहन - प्रदेश के जिला कांगड़ा के उपमंडल फतेहपुर के तहत पड़ते प्रमुख कस्बा रैहन के ऐतिहासिक एंव प्रसिद्ध श्री श्री सिद्ध बाबा राजा राम जी महाराज मंदिर रैहन लोगों की आस्था का केंद्र है। रैहन इलाका आज खुशहाल-आबाद है, तो बेशक यह यहां के मेहनतकश लोगों की साधना का फल है,  मगर कृपा है यहां के दिन-दुखियों के तारणहार श्रीश्री सिद्ध बाबा राजा राम जी महाराज की।  इस मंदिर में लोगों की गहरी अस्था है और यहां दूर-दूर से लोग माथा टेकने आते है और अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए प्रार्थना करते हैं। लोगों का मानना है कि बाबा जी के आगे सच्चे मन से प्रार्थना करने से श्रद्धालुओं के कष्ट दूर होते है और मनोकामना पूरी होती है। इस मंदिर में प्रतिवर्ष फरवरी माह में वार्षिक छिंज मेला होता है। माना जाता है कि यह छिंज मेला प्रदेश का पहला बड़ा छिंज मेला होता है, जिसके बाद क्षेत्र में छिंज मेलों का आगाज हो जाता है। इस छिंज मेले में क्षेत्र व प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्यों के नामी पहलवान दंगल में अपनी कुश्तियों के जौहर दिखाते है। यही कारण है कि इस छिंज मेले में स्थानीय क्षेत्र के अलावा दूर-दूर से लोग नामी पहलवानों की कुश्तियां देखने आते हैं। रैहन श्री श्री सिद्ध बाबा राजा राम जी महाराज की तपोस्थली रही है। इस जगह को लोग पहले संध के नाम से जानते थे, जो कि आज एक बड़े कस्बे के रूप धारण जार चुकी है। बुजुर्ग बताते हैं कि बाबा राजा राम जी महाराज बड़े ही दयालु व दयावान थे, जो लोगों के कष्ट दूर करते थे। उनके चमत्कारों मे से एक चमत्कार के बारे भी बताया जाता था कि बाबा जी एक बार कुटिया में अपने भक्तों के साथ बैठे थे, तो अचानक बाबा जी ने बच-बच कहा तो सभी भक्त हैरान हो गए और बाबा जी से इस बारे जानना चाहा तो बाबा जी ने उन्हें बताया कि गांव में एक व्यक्ति ऊंचे वृक्ष से गिर रहा था, तो उसी करुण आवाज पर उन्होंने यह शब्द कहे। फिर भक्तों ने बाबा जी द्वारा बताए गांव में जाकर देखा कि एक व्यक्ति ऊंचे वृक्ष स्व गिरा था व कुशल था। उस व्यक्ति ने बताया कि गिरते समय से किसी ने हाथों में उठा कर बचा लिया था। बाबा जी के चमत्कारों की और भी कई कहानियां है। यहां बाबा जी के पहले मंदिर जा निर्माण वर्ष 1942 में हुआ था, परंतु अब कुछ वर्ष पहले यहां नया भव्य मंदिर बनाया गया है और  बारिश से बचाव को मंदिर के चारों ओर शेड बनाया गया है व बिजली व पंखों की सुविधा के अलावा सुरक्षा के लिए ग्रिल लगाई गई है व पूरा मंदिर परिसर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में है। मंदिर प्रबंधक कमेटी मंदिर के विकास व सुविधाओं के लिए प्रयासरत है।