Monday, September 23, 2019 01:46 AM

सड़क को लेकर हल्ला बोल

मस्धवाण-रिस्सा मार्ग बदहाल, लोगों ने धरना-प्रदर्शन कर सरकार-प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी

सरकाघाट-आधी-अधूरी मस्धवाण-रिस्सा वायां नलासा, सिहल सड़क को लेकर ग्राम पंचायत प्रधान, लोक निर्माण विभाग धर्मपुर के अधिशाषी अभियंता, प्रशासन व प्रदेश सरकार के खिलाफ  रिस्सा तक जमकर धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस दौरान ग्रामीणों लेख राज राणा, ओम चंद पालसरा, कश्मीर सिंह, कमला देवी, सलोचना देवी, कौशल्या, अतिदेवी, कृष्ण पालसरा, सुनील कुमार, मीना कुमारी, पवन पालसरा, हरू राम, रेसू राम, झविया राम, सुबेदार बद्रीदत, अमर दत्त, तारा चंद, सोहन लाल, राजेंद्र, संदीप, बलबंत सिंह, प्रवीण कुमार, करतार सिंह, कालू राम, शिवू राम व कन्हैया लाल ने बताया कि सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत चौक  (देवब्राड़ता) के गांव नालसा, सिहल व जोल आजादी के 73 वर्ष गुजर जाने के बाद भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। अगर गांव में कोई बीमार हो जाए, तो उसे लोग पालकी या पीठ पर उठाकर दो किलोमीटर एक घटें सफर तय कर तक मेन सड़क तक ले जाना पड़ता है, फिर कहीं अस्पताल पहुंचाया जाता है।  प्रदेश में चाहे कांग्रेस की सरकार रही हो या भाजपा की किसी ने भी इन गांवों के ग्रामीणों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया।  तभी तो आजादी के इतने वर्ष गुजर जाने के बाद भी यह लोग सड़क सुविधा से वंचित हैं। आज भी यहां के लोगों को अपना रोजमर्रा का सामान लेने के लिए करीब दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। बरसात के दिनों में तो इन ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर तीन नाले भी पार करने पड़ते हैं, जिस कारण यहां पर कोई भी हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। इन गांव से किसी भी मरीज को रिससा पहुंचाने के लिए कंधों पर उठाकर लाना पड़ता है।  उन्होंने  ने सरकार से मांग की है कि इन गांवों को जल्द से जल्द सड़क सुविधा से जोड़ा जाए और इनको हो रही असुविधा से मुक्ति दी जाए।