Monday, July 22, 2019 12:24 AM

सत्ता के लिए जेलखाना बनाया देश

संसद में आपातकाल के दिनों का जिक्र कर पीएम मोदी ने कांग्रेस पर बोला तीखा हमला

नई दिल्ली -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष पर करारा प्रहार किया। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न देने के अपनी सरकार के फैसले का जिक्र करते हुए उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों पर भी पलटवार किया, जिसमें कहा गया था कि पहले की सरकारों के योगदान को उन्होंने नकार दिया है। पीएम ने तंज कसते हुए कहा कि सोमवार को सदन में नारे लगाए जा रहे थे और आज 25 जून है। उन्होंने कहा कि कई लोगों को तो जानकारी भी नहीं है कि 25 जून को क्या हुआ था, अगल-बगल पूछना पड़ता है। ऐसे में यह याद दिलाना जरूरी है कि 25 जून की रात देश की आत्मा को कुचल दिया गया था। उन्होंने कहा कि सिर्फ अपनी सत्ता बचाने के लिए देश को जेलखाना बना दिया गया था। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल के तीन हफ्ते की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। पीएम ने कहा कि 2004 से पहले देश में वाजपेयी सरकार थी। 2004 से 2014 में शासन में बैठे लोग सरकारी कार्यक्रमों में अटल बिहारी वाजपेयी की तारीफ की हो, नरसिम्हा राव की सरकार या अभी के भाषणों में भी किसी ने मनमोहन सिंह का नाम लिया हो तो बताएं। उन्होंने बताया कि लाल किले से शायद मैं पहला प्रधानमंत्री हूं जिसने आजादी से लेकर केंद्र और राज्य की जितनी सरकारें हुईं, सबका देश को आगे ले जाने में योगदान है, इसे कहा। सदन में भी मैंने कई बार कहा है और दोबारा कहता हूं।

आप इतने ऊंचे उठे कि जमीन से उखड़ गए

पीएम ने कहा कि यहां कुछ तीखी बातें बताई गईं, ज्यादातर चुनावी सभाओं की बातें बताई गईं। उन्होंने कहा कि हर एक का अपना एजेंडा होता है, लेकिन यहां कहा गया कि हमारी ऊंचाई को कोई कम नहीं कर सकता है। पीएम ने चुटीले अंदाज में कहा कि हम किसी लकीर को छोटी करने में समय बर्बाद नहीं करते। हम हमारी लकीर को लंबी करने के लिए जिंदगी खपा देते हैं। आपकी ऊंचाई आपको मुबारक, क्योंकि आप इतने ऊंचे चले गए हैं कि आपको जमीन दिखना बंद हो गई। आप इतने ऊंचे चले गए हैं कि जमीन से उखड़ चुके हैं। आपको जमीन के लोग तुच्छ दिखते हैं और इसलिए आपका और ऊंचा होना मेरे लिए अत्यंत संतोष और आनंद की बात है। मेरी कामना है कि आप और ऊंचे बढ़ें। पीएम ने कहा कि हमारा सपना ऊंचा होने का नहीं, जड़ों से जुड़ने का है। हमारा सपना जड़ों से मजबूती पाकर देश को आगे ले जाना है। हम आपको शुभकामनाएं ही देंगे कि आप और ऊंचे, और ऊंचे जाइए।

संविधान खतरे में, देश बांटने की कोशिश

विपक्ष ने मोदी सरकार पर उग्र राष्ट्रवाद फैलाकर देश को बांटने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कहा है कि आज संविधान खतरे में है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान लोकसभा में मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा ने कहा कि आज

संविधान खतरे में है। देश को बांटने की कोशिश

की जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार पर उग्र राष्ट्रवाद और भीड़तंत्र वाला राष्ट्रवाद फैलाने का आरोप लगाया तथा कहा कि देश को एक रखने की बजाय बांटने की कोशिश की जा रही है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम् के दयानिधि मारन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हालिया लोकसभा चुनाव में अपनी मजबूती के दम पर नहीं, बल्कि दूसरे दलों की कमजोरियों के दम पर जीती है।

मुद्दा बने टोपी, दंगे और इफ्तार

राज्यसभा में मंगलवार को कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति दंगों में मरे 2500 लोगों पर माफी मांगने को तैयार नहीं हुआ, वह आज सबके विश्वास की बात कर रहा है। 2014 का सबका साथ-सबका विकास, 2019 तक आते-आते 2019 में विश्वास जुड़ गया है।  जो व्यक्ति राष्ट्रपति की इफ्तार पार्टी में जाने को राजी नहीं था वे आज अल्पसंख्यकों का विश्वास जीतने की बात कर रहे हैं, जिस व्यक्ति ने मुस्लिम टोपी पहनने से इनकार कर दिया, केंद्र सरकार की योजना को लागू करने से मना कर दिया वे विश्वास की बात कर रहे हैं। दिग्विजय ने कहा कि प्रधानमंत्री में क्या ये परिवर्तन सच में है या सिर्फ एक जुमला ही है।

धन्यवाद प्रस्ताव ध्वनिमत से मंजूर

लोकसभा में पीएम मोदी ने धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा कि इस प्रस्ताव का धन्यवाद देश की जनता का धन्यवाद है। एक सशक्त, सुरक्षित राष्ट्र का सपना हमारे देश के अनेकों महापुरुषों ने देखा है और उसे पूरा करने के लिए अधिक गति के साथ हम सबको मिलकर आगे बढ़ना है। पीएम का संबोधन समाप्त होने के बाद उन्होंने सभी सांसदों से प्रस्ताव को पारित करने की अपील की। प्रस्ताव पर लाए गए सभी संशोधन ध्वनिमत से खारिज हो गए और स्पीकर ने सभी संशोधनों को अस्वीकार कर दिया। स्पीकर ने प्रस्ताव को सदन की मंजूरी के लिए रखा और सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से मंजूर कर लिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

माथे पर सिंदूर, हाथों में मेहंदी लगाकर संसद में शपथ लेने पहुंचीं नुसरत जहां

17वीं लोकसभा में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल से चुनाव जीतने वाली बंगाली एक्ट्रेस मिमी चक्रवर्ती और नुसरत जहां मंगलवार को संसद शपथ लेने पहुंची। एक्ट्रेस से सांसद बनी दोनों स्टार्स ने शपथ लेने के बाद स्पीकर ओम बिड़ला के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। संसद सत्र में नुसरत जहां पारंपरिक अंदाज में नजर आईं। न्यूलीवेड नुसरत ने माथे पर सिंदूर, हाथों में मेहंदी और चूड़ा पहना हुआ था। बता दें नुसरत जहां ने बिजनेसमैन निखिल जैन संग 19 जून को टर्की के बोडरम सिटी में शादी की है। शादी में व्यस्तता के चलते नुसरत जहां संसद सत्र के पहले दिन शपथ लेने नहीं पहुंच सकी थीं। नुसरत की शादी में उनकी करीबी दोस्त मिमी चक्रवर्ती भी नजर आई थीं। दोनों ही स्टार को सोशल मीडिया पर इस वजह से काफी ट्रोल किया गया था। यूजर्स का कहना था कि शादी और रिसेप्शन के लिए नुसरत जहां के पास समय है, लेकिन संसद में शपथ लेने के लिए वक्त नहीं। संसद में शपथ लेने पहुंची मिमी चक्रवर्ती सिंपल सूट में नजर आईं। मिमी ने शपथ लेने के बाद स्पीकर ओम बिड़ला के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

गांधी-वीर सावरकर का अपमान बर्दाश्त नहीं

राज्यसभा में शिवसेना संसदीय दल के नेता संजय राउत ने अयोध्या में राममंदिर के मुद्दे को धर्म की बजाय राष्ट्रीय अस्मिता से जुड़ा बताते हुए भरोसा दिलाया कि इस बार मंदिर बन कर रहेगा। श्री राउत ने यह भी कहा कि हम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर का अपमान बर्दाश्त नही करेंगे और देश को गांधी तथा सावरकर दोनों चाहिए। श्री राउत ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर सोमवार से जारी चर्चा में भाग लेते हुए मंगलवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्त्व में अयोध्या में राममंदिर बन कर रहेगा। यह बात मुझसे लिखवा लीजिए। उन्होंने कहा कि अदालत ने मंदिर बनाने का फैसला भले ही न दिया हो, पर जनता के न्यायलय में जनता ने फैसला दिया है। उत्तर प्रदेश में हमें बहुमत राममंदिर के लिए मिला है, क्योंकि चुनाव में यह बड़ा मुद्दा था इसलिए पूरा देश इसके लिए खड़ा रहेगा नहीं, तो 350 सीटों के बहुमत का कोई मतलब नहीं रहेगा।