Tuesday, November 19, 2019 03:04 AM

सत्र 2017-18 के छात्रों को जल्द मिलेगा वजीफा

शिमला - हिमाचल के वजीफा पात्र छात्रों के लिए अच्छी खबर है। एससी, एसटी व ओबीसी छात्रों की वर्ष 2017-2018 की रुकी हुई वजीफे की राशि जल्द जारी होगी। शिक्षा विभाग ने सरकार को मंजूरी के लिए प्रोपोजल भेज दिया है। बताया जा रहा है कि इसी माह इस प्रोपोजल पर सरकार मंजूरी दे सकती है। इसके बाद हजारों लाखों पात्र छात्रों का अलग-अलग योजनाओं के तहत वजीफा आबंटित किया जाएगा। अहम यह है कि जिन 30 निजी शिक्षण संस्थानों पर छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर आरोप लग रहे थे, उन्हें भी वेरिफिकेशन के बाद वजीफा राशि दी जाएगी। फिलहाल अब राज्य के बाहर के प्राइवेट शिक्षण संस्थान वजीफा न मिलने पर हिमाचल के पात्र छात्रों को कक्षाएं लगाने से नहीं रोक सकते।  दरअसल शिक्षा विभाग ने वर्ष 2017 - 18 के एससी, ओबीसी, एसटी छात्रों के खाते में वेरिफिकेशन करने के बाद छात्रवृत्ति डालने की मंजूरी मांगी है। शिक्षा विभाग ने सभी प्राइवेट व सरकारी शिक्षण संस्थानों को नोटिस जारी किए है। गौर हो कि प्रदेश से बाहर पढ़ने वाले हजारों छात्रों को निजी शिक्षण संस्थानों ने कक्षाओं में न आने के निर्देश दिए हैं। कई संस्थानों ने तो छात्रों को फाइनल परीक्षा में बैठने के लिए मना कर दिया है। इससे पहले कई संस्थानों ने तो छात्रों को एडमिट कार्ड तक देने से इनकार कर दिया था। प्रदेश से बाहर के शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे इन छात्रों ने शिक्षा निदेशालय से लेकर सरकार तक गुहार लगाई थी। उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग ने सरकारी शिक्षण संस्थानों को भी इस बाबत निर्देश जारी किए है। विभाग ने सरकारी शिक्षण संस्थानों से उन छात्रों की रिपोर्ट तलब की है, जिनका 2017-2018 का वजीफा अभी तक नहीं आया है। उल्लेखनीय है कि अब सरकार के आदेश मिलने के बाद शिक्षा  विभाग उन 30 निजी शिक्षण संस्थानों को भी स्कॉलरशिप डालेगा, जो वजीफा घोटाले में डिफॉल्टर घोषित की गई थी। हालांकि शिक्षा विभाग ने दावा किया है कि प्राइवेट संस्थानों में पढ़ने वाले हिमाचल के वजीफा पात्र छात्रों के नए अकाउंट बनाए गए हैं, ताकि वजीफा राशि सीधे छात्रों के खाते में जागगी। जानकारी के अनुसार निजी शिक्षण संस्थान इस बार वजीफा राशी न हड़पें, इसके लिए छात्रों को स्मार्ट कार्ड दिए जाएंगे। इससे शिक्षा विभाग के पास मैसेज आ जाएगा कि संस्थान ने वजीफे से कितनी राशी अपने खाते में डाली है। गौर हो कि प्रदेश में छात्रवृत्ति घोटाले के बाद निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को वजीफा नहीं मिल पाया है। इसकी वजह यह है कि 250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले की अभी तक जांच की जा रही है।