Saturday, August 24, 2019 08:37 AM

सफलता की ओर मिशन राइजिंग हिमाचल

अनुज कुमार आचार्य

लेखक, बैजनाथ से हैं

‘सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी’ द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2019 में भारत में बेरोजगारी की दर फरवरी 2018 के मुकाबले 5.9 फीसदी से बढ़कर 7.2 फीसदी हो गई है। इस समय हिमाचल प्रदेश में लगभग आठ लाख 45 हजार बेरोजगार हैं, तो ऊपर से हर साल प्रदेश के कर्ज में बढ़ोतरी हो रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर मीट की कोशिशों से हिमाचल में निवेश लाने की कोशिशों के परवान चढ़ने से निश्चित तौर पर जहां प्रदेश के बेरोजगारों को रोजगार मुहैया होगा, वहीं राज्य की आर्थिकी को भी संबल मिलेगा...

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के प्रयासों से प्रदेश सरकार विभिन्न क्षेत्रों में मिशन राइजिंग हिमाचल के अंतर्गत 85 हजार करोड़ के निवेश लक्ष्य के साथ धर्मशाला में ग्लोबल इन्वेस्टर मीट आयोजित करने जा रही है। इस सिलसिले में मुख्यमंत्री अपने उद्योग मंत्री और अधिकारियों के दल के साथ जर्मनी, नीदरलैंड और दुबई का दौरा भी कर चुके हैं और अभी तक विदेशों से तथा भारत के बड़े औद्योगिक घरानों द्वारा हिमाचल प्रदेश के भीतर निवेश के 27515 करोड़ के 228 से ज्यादा एमओयू पर हस्ताक्षरों के साथ इन्वेस्टर मीट की कोशिशें परवान चढ़ती नजर आ रही हैं। राइजिंग हिमाचल-2019 के अंतर्गत होने जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट की कामयाबी के लिए प्रदेश की जयराम सरकार द्वारा की जा रही तैयारियां उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी हैं। इस आयोजन का मकसद आठ संभावित क्षेत्रों में निवेश के अवसरों को बढ़ावा देते हुए हिमाचल प्रदेश में विनिर्माण और रोजगार सृजन की संभावनाओं को यकीनी बनाना है, ताकि भारत और विदेशी उद्यमियों के लिए हिमाचल प्रदेश को निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य स्थल बनाया जा सके।

हिमाचल प्रदेश की कुल आबादी में से 10.6 फीसदी युवा शक्ति बेरोजगारी की कतार में लामबंद है और भारत में छठे स्थान पर है। ‘सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी’ द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2019 में भारत में बेरोजगारी की दर फरवरी 2018 के मुकाबले 5.9 फीसदी से बढ़कर 7.2 फीसदी हो गई है, तो वहीं भारत में नौकरी करने वालों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। इस समय हिमाचल प्रदेश में लगभग आठ लाख 45 हजार बेरोजगार हैं, तो ऊपर से हर साल प्रदेश के कर्ज में बढ़ोतरी हो रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर मीट की कोशिशों से हिमाचल में निवेश लाने की कोशिशों के परवान चढ़ने से निश्चित तौर पर जहां प्रदेश के बेरोजगारों को रोजगार मुहैया होगा, वहीं राज्य की आर्थिकी को भी संबल मिलेगा। ग्लोबल इन्वेस्टर मीट को लेकर बेहद संजीदा और उत्साहित मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर दस जुलाई को 80 देशों के राजदूतों के साथ नई दिल्ली में बैठक कर चुके हैं, जहां उन्होंने हिमाचल प्रदेश में निवेश की संभावनाओं और नई औद्योगिक नीति के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ 7-8 नवंबर, 2019 को धर्मशाला में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर मीट में भाग लेने के लिए इन राजदूतों से अपने-अपने देशों के उद्यमियों को हिमाचल प्रदेश में पर्यटन तथा औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने का न्योता दिया है। इस इन्वेस्टर मीट में भारत के प्रधानमंत्री सहित केंद्रीय मंत्रियों के भी भाग लेने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को प्रदेश में कृषि, बागबानी, पर्यटन,  आयुर्वेद, उद्योग, शिक्षा, फार्मा इंडस्ट्री और बिजली आदि क्षेत्रों में इस ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के सफल आयोजन से लगभग 85000 करोड़ रुपए का निवेश आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने स्वयं इससे पहले बंगलूर और हैदराबाद में भी रोड-शो आयोजित कर प्रदेश में निवेश के रास्तों को खोलने की शुरुआत की थी। धर्मशाला के पुलिस ग्राउंड में होने वाली इस इन्वेस्टर मीट के आयोजन के लिए बड़े स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।  वर्तमान समय में प्रदेश में लघु औद्योगिक इकाइयों की संख्या 48396 है, जहां 19791 करोड़ का निवेश हुआ है, तो मध्यम इकाइयों की संख्या 522 है, जहां 7450.94 करोड़ रुपए और 6957.50 करोड़ के निवेश के साथ 140 बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं।

यानी 34200 करोड़ के निवेश वाली छोटी-बड़ी कुल 49058 औद्योगिक इकाइयां प्रदेश में कार्यरत हैं। सरकार ने निवेश लक्ष्य को हासिल करने के लिए सिंगल विंडो के माध्यम द्वारा निवेशकों के प्रस्तावों को स्वीकार करने के साथ-साथ उन्हें अनेक सहूलियतें और रियायतें देने की व्यवस्था की है। निवेशकों की सुविधा के लिए जयराम सरकार ने ‘हिम प्रगति पोर्टल’ भी बनाया है, जिसके द्वारा निवेशक अपने प्रोजेक्ट्स की ऑनलाइन मॉनिटरिंग कर सकते हैं और कोई समस्या होने पर उसका समाधान तलाश सकते हैं। इसके अलावा अपने प्रोजेक्ट्स की स्वीकृति आदि की जानकारी भी ले सकते हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार ने 1600 एकड़ जमीन के लैंड बैंक के साथ 59 औद्योगिक क्षेत्र और 2 मेगा फूड प्रोसेसिंग और टैक्सटाइल पार्क के लिए जमीन मुहैया करवाने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक और पर्यटन इकाइयां स्थापित करने की पूरी तैयारी पहले से कर ली है। इन्वेस्टर मीट-2019 को सफल बनाने के लिए सरकार ने 27 अलग-अलग सेक्टरों में समन्वय एवं बेहतरीन परिणाम हासिल करने के लिए नोडल अफसरों की भी तैनाती कर दी है। उम्मीद की जानी चाहिए कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को बेहतरीन बनाने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा किए जा रहे प्रयास निश्चित ही इस ग्लोबल इन्वेस्टर मीट की सफलता से रंग लाएंगे और नवीन तथा खुशहाल हिमाचल की नींव रखेंगे।