Tuesday, January 21, 2020 11:26 AM

सबको पसंद आ रही ‘पापा आर यू ओके’

साहित्यिक संगोष्ठी में सुनाई कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद के हालातों पर केंद्रित कहानी

हमीरपुर  - कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद बदले हालात पर रचित प्रसिद्ध कहानीकार राजेंद्र राजन की ताजा कहानी ‘पापा आर यू ओके’ का पिछले दिनों धर्मशाला में एक साहित्यिक संगोष्ठी में पाठ हुआ। समकालीन विषय पर लिखी गई इस कहानी पर हिमाचल के अनेक लेखकों ने चर्चा की। यहां तक कि यशपाल जयंती में बतौर मुख्यातिथि पधारे जाने माने लेखक व पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भी इस कहानी की मुक्तकंठ से सराहना की। बारह पुस्तकों के रचयिता राजेंद्र राजन के चार कहानी संग्रह व दो उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं। ‘पापा आर यू ओके’ कहानी का ताना-बाना 13 साल की एक बच्ची नूर को केंद्र में रखकर बुना गया है, जो चार अगस्त के पश्चात मोबाइल फोन, इंटरनेट बंद होने के बाद सऊदी अरब में हज पर गए अपने पापा से बात करने के लिए छटपटा उठती है। चार दिन तक श्रीनगर में खुले सरकारी कॉल सेंटर में पहुंचकर पापा से बात करने का प्रयास करती है और इस कोशिश में वह घोर मानसिक यातना से गुजरती है। कहानी को रेखा डढवाल, अदिति गुलेरी, सरोज परमार, डा. सुशील कुमार फुल्ल, गंगा राम राजी, केआर आरती सहित अनेक लेखकों ने सराहा। लेखकों ने माना कि केंद्र सरकार ने चार अगस्त के बाद जम्मू-कश्मीर को एक खुली जेल में बदल दिया है, जहां लोग मानसिक यातना से अभिशप्त हैं। इस मौके पर राजेंद्र राजन ने शांता कुमार को अपनी नवीनतम पुस्तक विमल राय पथ ने भी भेंट की।