Monday, September 16, 2019 08:02 PM

सब्जियों के बढ़े दामों ने बिगाड़ा गृहिणियों का बजट

टमाटर के दामों में दो गुना वृद्धि, 80 रुपए किलो बिक रहा है टमाटर; भारी बारिश से मंडी में पहुंची रही कम खपत, हर सब्जी हुई महंगी

नालागढ़ -भारी बरसात के बाद जहां चारों ओर प्रलय जैसा हाल हो गया, वहीं सड़कें क्षतिग्रस्त होने और फसलें भी खराब होने के कारण मंडियों में सब्जियों की खपत कम पहंुच रही है। इससे सब्जियों की कीमतों में वृद्धि हो गई है। सब्जियों की कीमतों में आए उछाल के साथ लोगों को दालों व सब्जियों का स्वाद बढ़ाने में प्रयोग होने वाले टमाटर की खटास भी अब कड़वी लगने लगी है। टमाटर के दाम एकाएक आसमान छू गए और टमाटर जो पहले 40 रुपए किलो था, वह दोगुना होकर 80 रुपए किलो पहंुच गया है। शिमला मिर्च के दाम भी 40 से बढ़कर 60 रुपए प्रतिकिलो हो गए है। यहां तक प्याज व खीरे की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। इसका मुख्य कारण हाल ही में हुई भारी बारिश से मची तबाही माना जा रहा है, जिससे मंडियों में सब्जी र्प्याप्त मात्रा में नहीं पहंुच पा रही है, वहीं स्थानीय सब्जियां पहाड़ी क्षेत्र के मार्ग अवरुद्ध होने के कारण मार्केट में उपलब्ध नहीं हो पा रहेी हैं। जानकारी के अनुसार सब्जियों के दामों में एकाएक हुई वृद्धि से गृहिणियों की रसोई का जहां बजट खराब कर रहा है, वहीं लोगों की जेबें भी ढीली कर रहा है। नालागढ़ में सब्जियों के दामों में इजाफा हुआ है, जिससे लोगों का बजट गड़बड़ाने लगा है। मंडियों के दामों में बढ़ोतरी व खपत अधिक होने से न केवल लोगों की परेशानियां बढ़ी है, वहीं सब्जियों के दामों में भी भारी उछाल आया है। बताया जाता है बरसात के कारण मंडियों में सब्जियों की खेप कम पहंुच रही है, नतीजतन पर्याप्त मात्रा में सब्जियां न पहुंचने के चलते दामों में बढ़ोतरी हुई है। नालागढ़ में यदि सब्जियों की कीमतों की बात करें तो हर सब्जी के दामों में इजाफा हुआ है। टमाटर जिसका भाव पहले 40 रुपए था, अब 80 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। मटर जो 50 रुपए किलो था अब अस्सी रुपए बिक रहा है। शिमला मिर्च पहले 40 रुपए किलो थी अब 60 रुपए प्रतिकिलो बिक रही है। फूलगोभी जो 50 रुपए थी अब 80 रुपए किलो बिक रही है। फ्रांसबीन जो पहले 40 थी अब 80 रुपए में बिक रही है। बैंगन से तीस से चालीस रुपए पहंुच गया है। करेला जो पहले 50 रुपए था अब 60 रुपए बिक रहा है। भिंडी जो पहले तीस थी अब 50 रुपए है। तोरी जो पहले 30 रुपए थी, वह अब 40 रुपए है। खीरा जो पहले 20 रुपए किलो था, अब 40 रुपए किलो बिक रहा है। सब्जी विके्रताओं का कहना है कि मंडियों में ही सब्जियों की पर्याप्त मात्रा में नहीं आ रही है और जो आ रही है उसके दामों में पहले ही उछाल आया है, जिसके चलते सब्जियों के दामों में वृद्धि हुई है, वहीं बारिश के कारण मार्ग अवरूद्ध होने से स्थानीय सब्जी भी मार्केट में नहीं पहंुच पा रही है।