Wednesday, August 12, 2020 06:46 AM

सभी चलें नेक रास्ते पर

राजेश कुमार चौहान, जालंधर

हाल ही में जो भगवान श्रीराम जी की जन्मभूमि अयोध्या पर फैसला आया, इससे हमारा देश एक बार फिर उसी तरह राम नाम में रंगमयी हो गया, जिस तरह जब प्रभु राम अपने पिता दशरथ के वचन का पालन करके चौदह वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या वापस आए थे। भगवान श्री राम हिंदू या सनातन धर्म के लिए ही आदर्श नहीं, बल्कि हर धर्म के लिए है, राम नाम की महिमा का सार कुछ शब्दों में नहीं लिखा जा सकता, राम से बड़ा राम का नाम बस यही कहा जा सकता है और राम का नाम कहीं भी लिया जा सकता है। अंत में मैं यह भी कहना चाहूंगा कि हम सबको भगवान राम के नाम की महिमा का गुणगान करने के साथ इनसे प्रेरणा लेते हुए इनके संस्कारों को अपने जीवन में डालना चाहिए, न कि इनके विपरीत चलते हुए मुंह में राम-राम और बगल में छुरी का अनुसरण करना चाहिए।